लापरवाही स्कूल के दो कमरों में पढ़ाई करते हैं 192 विद्यार्थी

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*लापरवाही स्कूल के दो कमरों में पढ़ाई करते हैं 192 विद्यार्थी, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा।प्राथमिक विद्यालय पीपलटोला में स्कूल के अलावा दो आंगनबाड़ी केन्द्र भी हो रहे संचालित, जिले में 35 स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण को भेजी डिमांड

सकीट। नगर के प्राथमिक विद्यालय पीपलटोला में दो कक्षों में 192 छात्र-छात्राओं को शिक्षा दी जा रहा है। विद्यालय के साथ-साथ परिसर में दो आंगनबाड़ी केन्द्र भी संचालित हो रहे है। पंजीकृत सभी बच्चे दो कमरों में बैठने को मजबूर है। उच्चाधिकारियों को बताने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

जनपद में कुछ ऐसे भी विद्यालय हैं, जहां शिक्षक बच्चों को शिक्षा ग्रहण कराने में काफी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। कस्बा सकीट के प्राथमिक विद्यालय पीपलटोला में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। जहां एक से कक्षा पांच तक के बच्चों को केवल दो कमरों में बैठाकर शिक्षा ग्रहण कराई जा रही है। इन्हीं कमरों में दो आंगनवाड़ी केन्द्र भी संचालित किए हो रहे है। प्राथमिक विद्यालय में 122 बच्चे पंजीकृत है। इसके अलावा 70 बच्चे आंगनवाडी केन्द्रों में भी पंजीकृत है। कुल मिलाकर 192 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। एक कमरे में कक्षा एक, और एक कमरा और बरामदा में कक्षा दो से पांच तक, दो आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को शिक्षा ग्रहण कराई जा रही है। गर्मी के मौसम में बच्चों का बुरा हाल है। प्रधानाध्यापिका डॉक्टर प्रमिला जैन ने बताया हमारे विद्यालय में बच्चो की संख्या के मुताबिक कमरों की कमी है, जिससे शिक्षण कार्य कराने में कठिनाई आ रही है। आला अधिकारियों को लिखित में बताया जा चुका है। उसके बाद भी कमरों की व्यवस्था नहीं हुई है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए अलग व्यवस्था कराई जाए, जिससे बच्चों को शिक्षा ग्रहण कराई जा सकें। अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। बेसिक शिक्षा विभाग के डीसी निर्माण संजय यादव ने बताया कि फरवरी माह में बजट आवंटित होता है। बजट में धनराशि स्वीकृत होने के बाद ऐसे विद्यालय जहां पर अतिरिक्त कक्ष की जरूरत है। वहां पर कक्ष निर्माण कराया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि जिले में ऐसे विद्यालयों की संख्या 35 के लगभग है। जिनके लिए डिमांड बनाकर निदेशालय को भेज दी गई है।

सकीट के पीपलटोला में दो कक्षों में प्राथमिक विद्यालय संचालित है। ऐसे ही जिले में 35 स्कूल संचालित है। पूर्व में प्राथमिक विद्यालय का संचालन दो कक्ष, में कराने का मानक था। अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए शासन को डिमांड भेजी गई है।

संजय सिंह, बीएसए, एटा।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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