
नौ लाख लोग बूस्टर डोज से बंचित
एटा, हिन्दुस्तान संवाद। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए एहतियाती डोज लगाने पर स्वास्थ्य विभाग का जोर है लेकिन शासन से वेक्सीन कम मिलने के कारण स्वास्थ्य विभाग अभियान नहीं चला पा रहा है। जिले में चिन्हित लोगों में से सिर्फ 21.34 प्रतिशत को ही डोज लगाई गई है जबकि अभी तक नौ लाख लोग डोज लगवाने से वंचित हैं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रामसिंह ने बताया कि जिले में 11 लाख 27 हजार 253 लोगों एहतियाती डोज लगाए जाने को चिन्हित किया गया है, जिसमें से अब तक 2,40,615 (21.34 प्रतिशत) लोगों की एहतियाती डोज लगाई जा सकी है। अभी जिले में करीब नौ लाख लोग एहतियाती डोज लगवाने से वंचित हैं। सोमवार को भी जिले में 31 केन्द्रों पर एहतियाती डोज लगाने का कार्य टीमों ने किया है। इन केन्द्रों पर कुल 1120 लोगों को ही एहतियाती डोज लगाई गई है। अब शासन से वेक्सीन कम मिल रही है। उससे पूरी क्षमता से अभियान चलाने में दिक्कत आ रही है। सोमवार को उनके पास 6290 डोज कोविडशील्ड, 1850 कोवेक्सीन और 160 डोज कॉरवेक्स वेक्सीन की रह गई। मंगलवार को केन्द्र संचालित कर लोगों को एहतियाती डोज लगाने का कार्य किया जाएगा।
शनिवार को 21040 कोविडशील्ड, 3730 कोवेक्सीन, 680 कॉरवेक्स की डोज थी। गुरुवार को 6 हजार डोज कोविडशील्ड, 3100 डोज कोवेक्सीन और 3000 कॉरवेक्स की डोज थी। डोज कम मिलने की वजह से अधिक से अधिक केन्द्र सक्रिय नहीं किये जा रहे है। उससे अभियान की गति धीमी बनी हुई है।
जिन लोगों ने छह माह पूर्व कोरोना वेक्सीन की दोनों डोज लगवा ली है। उनको एहतियाती डोज लगाई जा रही है। अभी वेक्सीन कम मिल रही है, जिसकी वजह से अभियान की गति धीमी हो गई है। वेक्सीन के अनुसार केन्द्र संचालित किए जा रहे है।
डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी, सीएमओ, एटा।”