
निपणु भारत मिशन के प्रशिक्षण में भोजन खाकर शिक्षकों को होने लगीं उल्टियां, बिगड़ी हालत
एटा में निपणु भारत मिशन के तहत अवागढ़ ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) पर बृहस्पतिवार को शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। इसका भोजन खाने के बाद कई शिक्षक बीमार पड़ गए। उन्हें उल्टियां होने लगीं, जिसके बाद उपचार कराना पड़ा। वहीं बृहस्पतिवार को अलीगंज बीआरसी में भी घटिया भोजन दिया गया था, जिसका विरोध जताते हुए शिक्षकों ने प्रशिक्षण का बहिष्कार कर दिया था।
निपुण भारत मिशन के तहत ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर प्रशिक्षण चल रहा है। हर शिक्षक को चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाना है। प्रशिक्षण में प्रतिभाग करने वाले शिक्षकों को भोजन मुहैया कराने की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। जिले में 1691 परिषदीय विद्यालयों में 5800 शिक्षक हैं। प्रत्येक शिक्षक के लिए 180 रुपये भोजन और 20 रुपये पेंसिल व नोटबुक के लिए जारी किए गए हैं। इसके बाद भी बीआरसी अवागढ़ पर शिक्षकों को खराब भोजन परोसा गया। इसे खाकर 16 शिक्षकों को उल्टियां होने लगी और उनकी हालत बिगड़ गई। प्रशिक्षण छोड़कर ही वह घरों के लिए चले गए। कुछ की स्थिति घर पर ही दवा लेकर सामान्य हो गई। तो कुछ को चिकित्सक के पास पहुंचकर इलाज कराना पड़ा। खंड शिक्षाधिकारियों से इन शिक्षकों ने लिखित में शिकायत दी है।
डायट प्राचार्य डॉ. जितेंद्र सिंह व प्रशिक्षण नोडल अधिकारी एवं डायट प्रवक्ता डॉ. जगमोहन ने बीआरसी का निरीक्षण किया, तो कक्ष संख्या एक में 60 के सापेक्ष 50 और कक्ष दो में 40 के सापेक्ष 34 प्रतिभागी शिक्षक मिले। अनुपस्थित शिक्षकों के बारे में जानकारी करने पर पता चला, कि खराब खाने की वजह से ये शिक्षक अनुपस्थित हैं।
बीआरसी का भुगतान रोका गया
डायट प्राचार्य ने खराब भोजने परोसने की वजह से शिक्षकों की तबीयत खराब होने पर बीआरसी को जारी होने वाला भुगतान रोक दिया है। यहां पर करीब 500 शिक्षक हैं, इनके लिए 180 रुपये प्रति शिक्षक के हिसाब से भुगतान किया जाना है। डायट प्राचार्य डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि बीआरसी अवागढ़ पर प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी शिक्षकों खराब भोजन खिलाने की वजह से तबीयत खराब होने की बात सामने आईं है। इसकी वजह से उनको दवाएं लेनी पड़ीं। बीआरसी का भुगतान रोक दिया गया है।
जलेसर, निधौली व नगर में पंखों की मिली कमी
डायट प्राचार्य व प्रशिक्षण नोडल अधिकारी द्वारा बृहस्पतिवार को बीआरसी जलेसर, निधौली कलां और यूआरसी नगर क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। इन जगहों पर पंखों की कमी पाई गई। निधौली कलां पर तकनीकी सहयोगियों से मदद न मिलने की बात भी सामने आई है।