दिल्ली/एटा- चीनी उत्पादों का पूर्ण बहिष्कार कर दें शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि- राजू आर्य
● भारत द्वारा शांति बहाल करने की हर कोशिश को ठेंगा दिखा रहा चीन।
● अन्तर्राष्ट्रीय नियमों को ताक पर रख बार बार उल्लंघन कर रहा है ड्रैगन।
भारतीय पत्रकार संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं विहिप नेता रंजीत कुमार उर्फ राजू आर्य ने देश जनता से अपील करते हुए कहा है कि वे एकजुटता के साथ पूर्णतः चीनी उत्पादों का बहिष्कार करें। उनके द्वारा चीन की आर्थिक व्यवस्था पर आघात ही गलवान घाटी में शहीद हुए भारतीय जवानों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। गौरतलब है कि गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 जवान शहीद हो गए तथा 76 गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूत्रों के मुताबिक चीनी सेना ने भारत के 2 मेजर समेत भारत के 10 जवानों को बंधक बना लिया था जिन्हें झड़प के तीन दिन बाद बातचीत के ज़रिए रिहा करवा लिया गया है, हालांकि भारतीय सेना की तरफ से जवानों को चीनी सेना द्वारा बंधक बनाए जाने की कोई आधिकारिक पुष्टि अभी तक नही हुई है।
आर्य ने कहा कि भारत द्वारा सीमा पर चीन के साथ शांति बनाए रखने के निरंतर प्रयास दशकों से जारी हैं, लेकिन आये दिन चीन अपनी हरकतो और शांति समझौतों का उल्लंघन कर भारत के सभी प्रयासों को निरंतर ठेंगा दिखता आ रहा है।
आर्य ने बताया अंतर्राष्ट्रीय नियमों के अनुसार कोई भी देश आपसी करार को अपने मन-मुताबिक नही तोड़ सकता लेकिन भारत और चीन के मध्य सन 1992 में हुये करार को भी चीन ने कई बार तोड़ने की कोशिशें की हैं जो अभी भी बदस्तूर जारी है।
आर्य ने बताया कि भारत को लद्दाख क्षेत्र में घेरने में जुटा चीन अभी अपने देश में हो रहे अंतरयुद्ध से जूझ रहा है। हांगकांग में चीन द्वारा संसद में पेश किए गए “नेशनल सुरक्षा कानून” के विरोध में लाखों लोग सड़कों पर उतर आए हैं जिसमे कई लोगों की जानें भी गयी हैं। चीन स्वयं अपने ही लोगों का बलपूर्वक दमन करने में लगा हुआ है।
गौरतलब है कि गलवान घाटी में चीनी सैनिकों द्वारा हुए कायराना हमले में भारतीय जवानों के शहीद हो जाने के बाद सम्पूर्ण देश में चीन विरोधी आक्रोश की स्थिति बनी हुई है। पश्चिम बंगाल, असम, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली समेत अन्य राज्यों के विभिन्न बड़े शहरों में भारतीय जनता ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पुतले फूंके और चीनी उत्पादों में आग लगा उनके बहिष्कार के नारे लगाए।
आर्य ने कहा कि जनता को चीन के प्रति अपने गुस्से का प्रयोग चीन को आर्थिक रूप से चोट पहुचाने में करना है, अब चीन के साथ भारत की लड़ाई मौखिक रूप से लड़ी जाने वाली जंग नही रह गयी है। समूचे देश को मिलकर चीन को आर्थिक और सामरिक दोनों ही रूप से दोहरी मात देनी होगी ताकि वह भारत विरोधी अपने नाकाम इरादों में कामयाब न होने पाए।
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