धीरेन्द्र वशिष्ठ सॉफ्ट इंजीनियर व उसकी पत्नी व गंगोत्री वशिष्ठ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पिता ने लगाया दहेज़ हत्या का आरोप
आत्म हत्या की हो रही है जाँच -प्रभारी निरीक्षक
प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि हमे सूचना मिली कि अवन्ती बाई नगर मौहल्ले में राजेश कुमार राजपूत के मकान में दो लोगों के शव पड़े है। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रधान सहित मौहल्ले के लोगों ने घर का दरवाजा तोड़ शवों को कब्जे में ले लिया है।मृतक 30 वर्षीय धीरेन्द्र कुमार वशिष्ठ पुत्र सत्यप्रकाश तिवारी निवासी इब्राहिम पुर नगरिया थाना रिजोर व उसकी पत्नी28 वर्षीय गंगोत्री बीते 8 दिन पूर्व राजेश कुमार के मकान में किराये पर आये थे और मकान में दूसरी मंजिल में यह लोग ही रहते थे नीचे का मकान खाली था। पति पत्नी ने गोली मारकर आत्महत्या क्यो की अभी जांच की जा रही है।
साथ ही अशोक कुमार ने बताया कि मृतिका के पिता ने चार लोगों के विरुद्ध दहेज मांगने व पुत्री की हत्या कर उकसाने की तहरीर दी है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर रही है।
बीती सांय मिलने आया था मृतिका का भाई
मृतिका के भाई विनय तिवारी ने बताया कि बुधवार को मैं अपने बहन बहनोई से मिल कर गया कोई लड़ाई झगड़ा नहीं था स्थिति सामान्य थी अब दोनों के गोली लगी है, इस घटना का कोई कारण समझ में नहीं आ रहा है। आखिर उन्होंने इतनी बड़ी घटना को अंजाम क्यों दिया।
पिता ने लगाया उत्पीड़न व दहेज़ हत्या का आरोप
जिसमें गंगोत्री के पिता रामप्रकाश तिवारी ने अपनी पुत्री के शव को ससुरालियों को देने से इंकार कर उसका स्वयं अन्तिम संस्कार करने का निर्णय ले कर मृतिका गंगोत्री के पति धीरेन्द्र, ससुर सत्यप्रकाश, देवर जितेन्द्र, के विरुद्ध शादी के चार माह बाद से ही दहेज के लिए उत्पीड़न कर गृह कलेश के चलते मानसिक तनाव में आजाने से उन्होंने आत्महत्या कर ली। साथ ही दहेज के लिए उत्पीड़न का आरोप भी लगाया है।
सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड ने दोनों पक्षों में समझौता कराने का काफी प्रयास किया गया।लडका पक्ष लडकी को अपने साथ ले जा कर दोनों का अन्तिम संस्कार एक साथ करने के लिए प्रयासरत था। किन्तु लड़की के पिता रिपोर्ट दर्ज कराने और लड़की को अपने साथ ले जाने पर अड़े हुए हैं ।
क्या सबूत छुपा रही है पुलिस
घटनास्थल से पुलिस को एक डायरी पर कुछ लिखा प्राप्त हुआ है इसमें क्या लिखा है पुलिस किसी को नहीं बता रही पुलिस उक्त डायरी को सील कर जांच के नाम पर अपने साथ ले गई. कहीं इस डायरी में ही तो मौत का राज नहीं छुपा है।
क्या किसी बड़े राज का राजदार तो नहीं था मृतक
उक्त घटना के बाद धीरेंद्र जिस जवाहर तापीय परियोजना में नौकरी करता था वहां के इतिहास की लोगों में एक अलग ही जन चर्चा है जिसमें अब तक हो रहे बड़े घोटालों का राज छुपाने के उद्देश्य माफियाओं ने दर्जनों निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार कर अपने खिलाफ जाने वाले सबूतों को नष्ट किया जा चुका है,क्या यह सच तो नहीं व कहीं उसी किसी राज का राजदार तो नहीं था, धीरेंद्र यह हत्या है या आत्महत्या इसकी सत्यता जांच के बाद ही पता चलेगी।
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