राजपाल यादव अब बन गए डा. बचपन का सपना अधूरा रह जाने की जो एक कसक थी, वह 36 साल बाद आज पीएचडी की उपाधि मिलने पर पूरी हुई है,यह बातें अभिनेता राजपाल यादव ने रविवार को इंटरनेशनल ओपन यूनिवर्सिटी अमेरिका एवं बैक प्यूपिल काउंसिल द्वारा डाक्टरेट की मानद उपाधि मिलने पर कहीं

इस अवसर पर धराधाम इंटरनेशनल के प्रमुख सौहार्द शिरोमणि डा. सौरभ पाण्डेय, डा. पूजा निगम उपस्थित रहीं। डा. सौरभ पाण्डेय ने सर्वधर्म सद्भाव की बात कहते हुए भारतीय संस्कृति की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत ही ऐसा देश है जहां की आतिथ्य परंपरा सर्वश्रेष्ठ है। इसी परंपरा के तहत धराधाम सर्वधर्म सद्भाव का संदेश देता है। कार्यक्रम के अयोजक डा. विजय डी बजाज एवं डा. ज्योति बजाज ने विशिष्ट अतिथियों के साथ देश की उत्कृष्ट प्रतिभाओं को गांधी सेवा रत्न सम्मान से सम्मानित किया एक सवाल के उत्तर में उन्होंने कहा कि उत्तप्रदेश मेरी जन्मभूमि है, वैसे राजपाल यादव को कौन नहीं जानता, है, बड़े से बड़े पर्दे पर वह लोगों को हंसाते रहे हैं, तो कभी अपने भावपूर्ण अभिनय से आंखों में आंसू ला देते हैं। अब तक वह 200 से अधिक फिल्में कर चुके हैं