
एटा-होस्पीटल की सर्मनाक ब्यबस्थाए-
नालियों मे खुला बहता जिंदा खून–
मरीज जाता है सस्ता इलाज कराने सरकारी होस्पीटल मेऔर पर्चा मिलता है महंगी दवाओं का पता किया एसा क्यों तो वहां बैठे डोक्टरों ने कहा कि मेम होस्पीटल मे दवाएं नही है और यह सिलसिला बहुत दिनों से चल रहा है,और उससे भी सर्मनाक सफाई ब्यबस्थाएं जो मरीज और तीमारदारों को खुलेआम बीमारियां परोसी जा रही है, ओटी-वार्ड से बाहर नालियों मे खुला ब्लड बह रहा है,जिसे देखकर दिल दहल जाता है,
सौचालय देखकर जी खराब होता है
महिला वार्ड के सामने से लेकर आप गंदी नालियों का जमा पानी टूटी सड़कों मे भरा हुआ है जो एक बरसात मे पूरा होस्पीटल पानी-पानी हो जाएगा और जो इस बक्त मौजूदा गंदगी है उसी पानी में मिक्स होकर अच्छे भले लोगों को नरक मे घुसने को मजबूर होना पड़ेगा और इसी गंदगी से इन्फेक्शन फैलेगा कोई बचा नही सकता है।
यह सब शासन, और प्रशासन,की आँखो के सामने चल रहा है सीधे तौरपर कहा जा सकता हैकि इस होस्पीटल मे बीमारियां जितनी ठीक नहीं हो सकती उससे ज्यादा इस लापरवाही से बढाई जा रही है और यह लापरवाही सिर्फ मरीजों तक ही सीमित नहीं है तीमारदारों,डाक्टर, और वहां जाने बाले हर स्वस्थ इंसान के लिये भी बड़ा खतरा बना हुआ है।