दिल्ली/एटा- देश की अखंडता पर आघात कर रहे चीन के साथ शांति वार्ता छोड़ आक्रामक रुख अपनाए भारत- राजू आर्य
● कपटी चीन के प्रति कई बार चेता चुके हैं नेताजी, लेकिन सरकारें अब तक बनी रहीं हैं उदासीन।
● कई बार समझौतों और वार्ताओं का उल्लंघन कर चुका है ड्रैगन।
● प्रत्येक भारतीय दृढ़ संकल्प के साथ करे चीनी उत्पादों का पूर्ण बहिष्कार।
भारतीय पत्रकार संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं विहिप नेता रंजीत कुमार उर्फ राजू आर्य ने सोमवार रात लद्दाख क्षेत्र की गलवान घाटी में हुई भारत और चीन की हिंसक झड़प में शहीद हुए 20 भारतीय जवानों को अश्रुपूरित श्रंद्धाजलि अर्पित करते हुए उनकी शहादत को नमन किया। आर्य ने कहा कि चालबाज़ चीन बार-बार शांति वार्ताओं का उल्लंघन कर सीमा पार अपनी तुच्छ हरकतों से बाज़ नही आ रहा है। गौरतलब है कि पिछले 2 महीनों में कई बार भारत-चीन सेना के उच्च अधिकारियों की बैठक हुई हैं, जिसमे सभी झड़पों के मसलों को शांति पूर्वक सुलझाने का प्रस्ताव रखा गया लेकिन बीते दो महीनों में कई बार चीन की तरफ से सीमा पर उल्लंघन हो चुका है। हालांकि भारतीय सेना ने भी जवाब देते हुए चीनी सेना के 47 सैनिकों को मार गिराया। आर्य ने कहा कि
भारत-चीन सीमा विवाद का ये कोई पहला मामला नहीं है। गलवान घाटी से पहले डोकलाम में भी 16 जून 2017 को चीनी सेना ने इसी तरह से वास्तविक नियंत्रण रेखा पर प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया था। वहां भी 73 दिनों तक तनाव की स्थिति बनी रही थी।
आर्य ने कहा कि बीते कई दिनों से चीन भारत के खिलाफ षणयंत्र रच रहा है। बातचीत के माध्यम से विवाद को सुलझाने का दिखावा करने वाला चीन हालिया झड़पों का जिम्मेदार भारत को ठहराकर भारत को बदनाम करने की साज़िश रचने से भी बाज़ नही आ रहा है। चीन कभी पाकिस्तान तो कभी नेपाल के कंधे पर बंदूक रखकर भारत को उकसाकर अपने निशाने साधने की फिराक में लगा हुआ है। आर्य ने कहा देश की अखंडता, एकता और संप्रभुता पर कुठाराघात करने वाले चीन को किसी भी की नरमी नही बरती जानी चाहिए। अब समय है कि भारत को शांति वार्ता और बैठकों से परे आक्रामक रुख अपनाकर चीन को उसी की भाषा में जवाब देना होगा। अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत के साथ मित्रता का ढोंग करने वाला चीन दशकों से ऐसी ही चालें चलता आ रहा है।
आर्य ने कहा कि राजनीति और रणनीति में मौजूद पीढ़ी के अव्वल नेता, भारत के पूर्व रक्षा मंत्री एवं समाजवादी पार्टी के सरंक्षक माननीय मुलायम सिंह यादव कई बार चालबाज़ चीन की कूटनीतियों को लेकर देश की विभिन्न सरकारों को सचेत करते रहे हैं। उन्होंने कई बार राष्ट्रीय मंच पर अपने संबोधनों में कहा कि चीन भारत का सबसे बड़ा दुश्मन है और उसके साथ मित्रता का रवैया छोड़ कर सिर्फ दुश्मनी का रुख अपना कर ही सभी समस्याओं का हल हो सकेगा। उसे मित्र देश की नज़र से देखना बंद कर देना चाहिए।
आर्य ने कहा कि चीन के साथ चल रही इस जंग को सिर्फ जंग के मैदान में नही बल्कि आर्थिक रूप से चीन को कमज़ोर करके जीतना होगा। चीन की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा भारत द्वारा इस्तेमाल किये जा रहे चीनी उत्पादों के माध्यम से आता है। आर्य ने आह्वान किया कि चीन को आर्थिक रूप से कमज़ोर करने के लिए प्रत्येक भारतीय को सभी प्रकार के चीनी उत्पादों का बहिष्कार करना चाहिए।
राजू आर्य ने शहीदों को दी अश्रुपूरित श्रंद्धाजलि-
भारतीय संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं विहिप नेता रंजीत कुमार उर्फ राजू आर्य ने अपने कुछ सहकर्मियों के साथ अपने आवास स्थान पर चीन के साथ हुई झड़प में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को अश्रुपूरित श्रंद्धाजलि अर्पित करते हुए दो पंक्तिया शहीदों के नाम कहीं-
“ये शीश झुकेगा सिर्फ उनकी शहादत में,
जो कुर्बान हुए हैं सरहद पर वतन की हिफाज़त में”।
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