” जिले के तीन विकासखंड आकांक्षात्मक श्रेणी में शामिल

सदर से सकीट जलेसर तहसील में अवागढ़ तथा अलीगंज से जैथरा ब्लाक का चयन पांच विभागों से संबंधित 75 बिदुओं का होगा अनुश्रवण”
एटा: सरकार द्वारा प्रदेश के 100 विकास खंडों को आकांक्षात्मक विकास खंड की सूची में शामिल किया है। इस सूची में एटा जिले के जैथरा, अवागढ़ तथा सकीट विकासखंड को शामिल किया गया है। इन विकास खंडों में पांच विभागों के लिए उनसे संबंधित कार्यों और योजनाएं के अनुश्रवण के लिए 75 बिदु निर्धारित किए गए हैं। चयनित विकास खंडों को लेकर क्रमिक रूप से शासन को रिपोर्टिंग की जाएगी तथा अधिकारियों का उत्तरदायित्व भी निर्धारित किया गया है।
प्रदेश सरकार ने विकास तथा शासन की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अब नई पहल की है। प्रत्येक जिले आकांक्षात्मक चयनित किए गए विकास खंडों पर सीधे शासन की नजर रहेगी। मुख्यमंत्री द्वारा 75 इंडिकेटर तय किए गए हैं उनकी तहसील तथा जिले के अधिकारियों द्वारा अनुश्रवण कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। शासन हकीकत की पड़ताल कराते हुए संबंधित विकास खंडों की कायापलट पर गौर करेगा। फिलहाल विकास खंडों की मौजूदा स्थिति को लेकर प्रगति का ब्यौरा मांगा गया है।
इस नई व्यवस्था के तहत चयनित विकास खंडों की प्रगति एवं अनुश्रवण के लिए मुख्य विकास अधिकारी प्रभारी अधिकारी होंगे। पोर्टल पर निर्धारित समय सीमा में डाटा फीड कराने तथा संपूर्ण डाटा की प्रामाणिकता के लिए उत्तरदायी होंगे। प्रत्येक माह की 15 तारीख तक निर्धारित केंद्रों की प्रगति का डाटा भेजना होगा। 25 तारीख तक आकांक्षात्मक विकास खंडों की रैंकिग होगी। उप जिलाधिकारी अपनी तहसील के अंतर्गत चयनित विकास खंडों के नोडल अधिकारी होंगे, जोकि विकास कार्यों और योजनाओं का अनुश्रवण का निरीक्षण करेंगे। इन ब्लाकों में तैनात खंड विकास अधिकारियों को किसी अन्य विकास खंड का अतिरिक्त प्रभार नहीं दिया जाएगा तथा कार्मिकों की सौ फीसद तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी डा. अरविद वाजपेई का कहना है मुख्य सचिव के निर्देश मिल चुके हैं। उसी के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। आकांक्षात्मक विकास खंडों के लिए विषयगत क्षेत्र
-चिकित्सा एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास, आधारभूत अवसंरचना विभागों के लिए कितने इंडिकेटर
-बाल एवं महिला विकास के लिए छह, स्वास्थ्य विभाग 17, बेसिक शिक्षा 11, माध्यमिक शिक्षा दो, कृषि विभाग नौ, पशुपालन दो, उद्यान विभाग दो, ग्रामीण विकास पांच, वित्तीय संस्थान व कौशल विकास 15, विद्युत विभाग एक, जल संसाधन एक, आइटी इलेक्ट्रानिक्स एक, पंचायती राज विभाग दो