मेडिकल कॉलेज एटा का खस्ता हाल

“296 की जगह मात्र 122 दवा सिरिज और मरहम भी नहीं एक्सरे-अल्ट्रासाउंड के लिए लंबी दौड़ लगाने की मजबूरी”
एटा: मेडिकल कालेज बदहाल है। हाल यह है कि पट्टी करने के लिए महरम तक नहीं है। स्टोर में पंजीकृत 296 प्रकार की दवा में से मात्र 122 ही उपलब्ध हैं। उल्टी रोकने का इंजेक्शन नदारद है। वैक्सीन लगवाने के लिए सिरिज तक लोगों को मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही है। यह हाल तब है जब प्रदेश सरकार अस्पतालों में बाहर की दवा लिखने पर रोक लगाने की बात कर रही है।
सरकार ने जनपद को मेडिकल कालेज की सौगात दी ताकि लोगों को बेहतर इलाज और दवा मिले, मगर इसके उलट हो रहा है। पिछले दिनों से चल रहा दवाओं का टोटा खत्म नहीं हो सका है। ऐसे में कुत्ता काटने की वैक्सीन लगाने वाली सिरिज तक का अभाव हो गया। पिछले सप्ताह से ही वैक्सीन लगाने वाली सिरिज मेडिकल कालेज में नहीं हैं। इसे लेकर इंजेक्शन लगवाने वाले लोगों को मेडिकल स्टोर से सिरिज खरीदनी पड़ती है। मेडिकल कार्पोरेशन के हिसाब से 296 प्रकार की दवा होनी चाहिए, इसमें से महज 122 प्रकार की दवा ही अस्पताल में उपलब्ध हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि गर्मी के मौसम में लोगों को उल्टी दस्त होने की अधिक बीमारी होती है, मगर मेडिकल कालेज में उल्टी रोकने का इंजेक्शन हादसे या फिर मारपीट में घायल लोगों का प्रथम उपचार भी ठीक से नहीं हो पा रहा। यह अलग बात है कि मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. नवनीत सिंह ने बताते है कि दवाओं की उपलब्धता सहित अन्य संसाधन जुटाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द दवा और चिकित्सकों की कमी पूरी की जाएगी। -हाथरस, कासगंज तक लगानी पड़ रही दौड़
मेडिकल कालेज में रेडियोलाजिस्ट की कमी होने के कारण मेडिकोलीगल एक्सरे रिपोर्ट के लिए कर्मचारियों को हाथरस और कासगंज तक दौड़ लगानी पड़ रही। इसके बाद भी पीड़ित लोगों को समय पर एक्सरे रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। इतना ही नहीं डाक्टर के अभाव में अल्ट्रासाउंड भी नहीं हो पा रहे। इसे लेकर लोगों को निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है। जिसके लिए एक हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। गांव में कुत्ता ने काट लिया था। इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल आए थे। मेडिकल स्टोर से सिरिज खरीद कर वैक्सीन लगवाई है।