
!!.दिग्विजय के मुस्लिम प्रेम की सोनिया दरबार में शिकायत: कमल नाथ भी नाराज.!!
बयानों विवादों में बने रहने की आदत की शिकायत पहुंची कांग्रेस हाईकमान तक
मध्य प्रदेश में जारी दौर की सियासत में हिंदुत्व भले ही मुख्य धुरी बन चुका हो, लेकिन दिग्विजय सिंह के बयान इस हकीकत से इत्तेफाक रखते नहीं दिखाई देते हैं। वह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ की कोशिशों की भी परवाह नहीं करते और गाहे-बगाहे ऐसे बयान दे डालते हैं, जिससे पार्टी की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। ताजा मामला खरगोन में हुए दंगे के बाद उनके उस विवादित ट्वीट का है, जिसे उन्होंने खुद ही बाद में डिलीट कर दिया। उनके मुस्लिम परस्त तौर-तरीकों, बयानों और विवादों में बने रहने की आदत की शिकायत अब हाईकमान के दरबार में कर दी गई है। सोनिया गांधी ने उन्हें तलब करते हुए मामले को संज्ञान में लिया है। बयानों से कमल नाथ भी नाराज बताए जा रहे हैं। दोनों नेताओं को प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक के साथ सोनिया के दरबार में तलब भी किया गया था। दिग्विजय को समझाइश भी दी गई है कि वे ऐसा कोई बयान न दें, जिससे बहुसंख्यक वर्ग नाराज होकर कांग्रेस से दूरी बनाए।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, कमल नाथ ने इस साल हनुमान जन्मोत्सव और रामनवमी को संगठन स्तर पर मनाने का ऐलान किया था, लेकिन रामनवमी पर खरगोन में हुए दंगों के बाद दिग्विजय ने जिस तरह विवादास्पद बयान दिए और झूठे फोटो पोस्ट किए, उससे कमल नाथ की मेहनत पर पानी फिर गया। भाजपा ने भी इसे जमकर मुद्दा बनाया और दिग्विजय के खिलाफ थाने में एफआइआर दर्ज करा दी। उन पर प्रदेश में दंगे भड़काने की साजिश और उकसावे का आरोप लगा। यह पहला मौका नहीं है जब कमल नाथ साफ्ट हिंदुत्व की ओर दबे पांव पर बढ़े हों और दिग्विजय ने विवादित बयान देकर उनके प्रयासों को नाकाम कर दिया हो। 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से हिंदुत्व लगातार विधानसभा चुनाव को प्रभावित करता रहा है। भाजपा बंगाल में सरकार बनाने में भले सफल न रही हो, लेकिन अब तक सबसे ज्यादा सीटें उसे प्राा हुई हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा में सफलता के पीछे हिंदुत्व को भी बड़ा फैक्टर माना गया है। कांग्रेस भी इस मुद्दे को नकारने की स्थिति में नहीं है, इसलिए कमल नाथ लगातार साफ्ट हिंदुत्व के पक्षधर रहे हैं।