
!!.बुंदेलखंड में ऐतिहासिक धार्मिक स्थल मां शारदा माता मंदिर गरौली में हुआ ताड़का वध मेले का भव्य आयोजन: 210 वर्षों से चली आ रही मेले की प्रथा.!!
बुंदेलखंड के छतरपुर जिले में धार्मिक स्थल मां शारदा माता के मंदिर गरौली की पहाड़ी के पास हर वर्ष की भांति इस वर्ष में धार्मिक आयोजन हर वर्ष किया जा रहा है या शीतकालीन प्रथा के अनुसार गरौली जगदीश स्वामी मंदिर से शारदा माता की सवारी पालकी पर सवार होकर तथा राम लक्ष्मण विश्वामित्र की झांकी हाथी घोड़ों बैंड बाजे डीजे के साथ गर्रौली रौली रियासत के राजा के यहां गढी जाती है l जहां सबसे पहले राजा के यहां मां शारदा का पूजन अर्चन किया जाता है l उसके बाद नगर भ्रमण करते हुए द्वार द्वार माता की आरती पूजा अर्चन किया जाता है, ग्रामवासी यथाशक्ति माता का आरती पूजा अर्चन करते हैं पूरे ग्राम से होते हुए गाजे बाजे के साथ मां पहाड़ पर पहुंचती है वहां पर एक भव्य मेले का आयोजन होता है जिसमें ग्रामीणों द्वारा ताड़का बनाई जाती है जिसको हाथी और घोड़ों की सहायता से लोगों का मनोरंजन किया जाता है फिर श्रीराम हाथी पर राज कर अंत में ताड़का का वध करते हैं बंद होते ही मेले का समापन कर दिया जाता है l
मेला एक नजर में…..
वर्ष 1812 में गर्रौली रियासत के राजा गोपाल बहादुर द्वारा इस मेले की प्रथा की शुरुआत की गई l इसका मुख्य उद्देश्य रियासत काल में जमीदार राजा के यहां चैत्र माह में उपज के बाद कर जमा करने आते थे l उन जमीदारों के मनोरंजन के लिए इस मेले की शुरुआत की गई थी l जो 210 वर्ष पूर्व सन 18 सो 12 से अब तक इस मेले का आयोजन होता आ रहा है l इस मेले में क्षेत्र के 50 किलोमीटर के आसपास के लगभग सभी गांव से ग्रामीण मेले का आनंद लेने हर वर्ष इस मेले में आते हैं l इस मेले में भारी जन सैलाब उमड़ता है, अवनींद्र पटेरिया प्रदेश उपाध्यक्ष किसान मोर्चा भाजपा धीरेंद्र रेजा, डॉ. रवि मिश्रा, कुलदीप पाठक, रूपेंद्र तिवारी सहित भारी जनसैलाब उपस्थित रहा l