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जलेसर की बड़े मियां दरगाह के प्रबंधक सहित नौ पर मुकदमा
◾️जलेसर में पहले दिन चढ़ावे में आए 82 हजार नकद
◾️जलेसर की बड़े मियां दरगाह/शनि जात की कार्यरत पूर्व कमेटी के अध्यक्ष, सचिव सहित नौ पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
◾️इसमें श्रद्धालुओं के पैसे का गोलमाल करने का आरोप लगाया है। निजी मामलों पर करीब 99 करोड़ रुपया खर्च करना भी बताया गया है।
◾️जलेसर देहात के प्रधान शैलेंद्र सिंह राजपूत ने तहरीर दी थी कि 14 मार्च 2022 को जिला प्रशासन की ओर से नोटिस दिया गया था।
◾️समिति के प्रबंधक मोहम्मद अकबर सहित सभी को बुलाया गया था। किसी ने भी नोटिस का जवाब नहीं दिया।
◾️नोटिस में 23 बिंदुओं पर जवाब मांगा गया था। प्रबंध समिति ने नोटिस पढ़ने के बाद वापस कर दिया।
◾️इस नोटिस को दरगाह पर भी चस्पा किया गया था। इसे दरगाह कमेटी के पदाधिकारियों ने फाड़कर आदेशों की अवहेलना की।
◾️इस कमेटी का रजिस्ट्रेशन वर्ष 2018 में कराया गया था।
◾️प्रशासन की जांच में प्रतिवर्ष करीब साढ़े चार से साढ़े पांच करोड़ के हिसाब से पैसा लेना मिला।
◾️जांच में वर्ष 2000 से 2018 के बीच शनि की जात पर अनुमानित 83 से 99 करोड़ रुपया अवैध रूप से संगठित गिरोह बनाकर अर्जित किया गया।
◾️जात के दौरान धन का असामाजिक गतिविधियों आदि में इस्तेमाल जैसे जघन्य अपराध किए हैं।
◾️अध्यक्ष एवं प्रबंध समिति के सदस्यों ने आपस में बांटकर किसी बैंक आदि में जमा ना करके व्यक्तिगत उपयोग में खर्च किया है।
◾️श्रद्धालुओं के चढ़ाए गए धन का गबन किया है। तहरीर में है कि इन लोगों ने कई संपत्तियों पर कब्जा कर उसे बेचकर अनुचित लाभ उठाकर आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है।
◾️50 करोड़ की जलेसर व अलीगढ़ में अकूत संपत्ति भी अर्जित की है। पुरानी तहसील की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर बैनामे किए हैं।
◾️एसडीएम की ओर से मिले आदेश के बाद सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत हो रहा है। साथ ही इस मामले की जांच की जाएगी।
◾️जलेसर में शनि जात/बड़े मियां की दरगाह पर तीन महीने बाद हुए दर्शन में जमकर चढ़ावा आया।
◾️शनिवार को हुई जात के बाद शाम को जब गिनती हुई तो 82 हजार रुपये नकद चढ़ावा गिना गया।
◾️मंदिर में प्रशासन की ओर से दानपात्र रखे गए थे। इन दानपात्रों पर तहसील प्रशासन का ताला लगा था।
◾️शाम को दानपात्र खोलकर रुपयों की गितनी कराई गई तो 82 हजार 200 रुपये दानपात्रों में मिले।
◾️इसके अलावा गेहूं भी चढ़ावे में आए हैं। यह अलग-अलग स्थानों पर चढ़ाए गए थे। इसकी तुलाई नहीं हो सकी है।
◾️बताते चले कि जिला प्रशासन की ओर से जलेसर तहसीलदार को इसका रिसीवर नियुक्ति किया गया था। इसमें चार लोगों की कमेटी बनाई गई है। इसमें दो लोग हिंदू तथा दो लोग मुस्लिम वर्ग से लिए गए हैं। यह लोग वहां जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।