क्या सरकारी भूमि पर खड़ा गेहूं यूँही खड़ा रहेगा, रिपोर्ट निशाकांत शर्मा

इधर सरकार IAS IPS अफसरों पर गाज गिरा रहीं है…. वही

उत्तर प्रदेश सरकार नें पिछले पांच साल के कार्यकाल को पूरा कर एक बार पुनः अपनी शुरुआत IAS व IPS अफसरों को निलंबित कर साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर माफ़ नहीं किया जायेगा।

इसी क्रम में जनपद एटा कि सदर तहसील में लेखपालों पर कार्यवाही अमल में लाई गई है। जो लेखपाल सरकार की नीति को भ्रष्टाचार में डुबोना चाहते थे। सदर SDM शिवकुमार द्वारा सही जाँच कर निलंबित करने के आदेश दिये गए है।

सरकार की नीति पर एटा के अफसरों नें अपनी कमर कश ली है। वही निलंबित लेखपालों को बचाने के लिए सिफारिश शुरू हों चुकी है।

भ्रष्टाचार में लिप्त लेखपाल प्रीति मिश्रा को बचाने के लिए नीचे सें लेकर ऊपर तक सिफारिशे शुरू हों चुकी है। जब कि पूर्व में प्रीति मिश्रा पर कई बार भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके है और कई बार निलंबन बापस लिया जा चूका है। जिससे उक्त लेखपाल के हौसले इतने बढ़ गए थे कि SDM स्तर के अफसर उक्त लेखपाल के लिए ना काफ़ी प्रतीत होते है।

क्या सरकारी भूमि पर खड़ा गेहूं यूँही खड़ा रहेगा

जमीन सरकार की… गेहूं सरकारी.. फिर देरी किस बात की…. ऐसे ही सवालों सें जूझ रहा ग्रामीण…. ढाका. चारागह, तालाबों पर खड़ा गेहूं को सरक्षण देने में भी लेखपालों की टोली अब्बल रहीं है। अब जब स्थानीय अफसरों का शिकंजा क़सना शुरू हुआ है तो लेखपाल गेहूं को कटाने की देरी कर टाल रहें है।

पांच दिन पूर्व SDM शिवकुमार व तहसीलदार चंद्र प्रकाश सिंह के अथक प्रयासों सें ततारपुर अब्बल का सरकारी भूमि पर करीब 70 बीघा के गेहूं को कटा कर सरकारी खजाने में करीब 90,000 रूपये बड़ोत्तरी की है.

अगर SDM शिवकुमार व तहसीलदार चंद्र प्रकाश सिंह नें ततारपुर अब्बल की भांति अन्य सरकारी भूमि पर गेहूं कटाया तो सरकार को लाखो का राजस्व पैदा होगा।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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