
एक वर्ष में जिला अस्पताल बनाने को नहीं मिल सकी जमीन
एटा – मेडिकल कालेज शुरू हुए एक वर्ष होने जा रहा है। अभी तक जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि जिला अस्पताल बनाने को जमीन चिन्हित नहीं कर सके हैं। जिसकी वजह से जिला चिकित्सालय से मिलने वाली सुविधाएं धीरे-धीरे बंद होती जा रही है। स्थाई चिकित्सक सिर्फ इमरजेंसी और मेडिकोलीगल करने तक सिमट गए हैं।
सर्जन एवं सीसमएस डा. राजेश अग्रवाल ने बताया कि जनपद में अब जिला चिकित्सालय नहीं रहा है। अप्रैल वर्ष 2021 से मेडिकल कालेज हो गया है। जनपद के लोग अभी भी इसको जिला अस्पताल समझकर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में छह स्थाई चिकित्सक रह गए है। उसमें डा. एस चंद्रा, डा. आरएल जिंदल, डा. राहुल वाष्र्णेय, डा. बी सागर, डा. अनंत व्यास शामिल है। रेडियोलॉजिस्ट डा. वीपी सिंह 31 मार्च को सेवानिवृत हो रहे है। जिला चिकित्सालय के स्थाई चिकित्सक इमरजेंसी और मेडिकोलीगल करने का काम कर रहे है। उसके अलावा मेडिकल कालेज ओपीडी में एसआर, जेआर डाक्टर कार्य कर रहे हैं। इसी प्रकार महिला जिला चिकित्सालय के दो स्थाई चिकित्सक डा. अशोक कुमार और डा. आरके दयाल रह गए हैं। वह सभी शासन के निर्देश पर मेडिकल कालेज में डेपुटेशन पर कार्य कर रहे हैं। सीएमएस ने बताया कि जिला चिकित्सालय के लिए शासन से अलग से जमीन चिन्हित करने के लिए निर्देश दिए थे। अभी तक जिला चिकित्सालय बनाए जाने के लिए कोई जमीन चिन्हित नहीं की जा सकी है। इसलिए जनपद में जिला चिकित्सालय विलुप्त प्राय: स्थिति में पहुंच गया है। एक वर्ष से जिला अस्पताल में मेडिकल कालेज संचालित हो रहा है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल के लिए जमीन चिन्हित करने के लिए जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सहयोग मांगा गया था। राजस्व विभाग अभी तक जमीन नहीं दिला सका है।