सरकार! आपसे ऐसी उम्मीद तो कतई न थी

सरकार! आपसे ऐसी उम्मीद तो कतई न थी

विगत 21 और 22 मार्च को एटा में एमएलसी चुनाव हेतु नामांकन करने आये समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को भी उन्हीं परिस्थितियों का सामना करना पड़ा जिसे वे समाजवादी सरकार में अन्य दलों के प्रत्याशियों के लिए पैदा करते थे। समाजवादी पार्टी की सरकारों में भी लोगों को चुनाव लड़ने हेतु नामांकन ही नहीं करने दिया जाता था। फलस्वरूप सपा प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित घोषित करा दिया जाता था। बदली परिस्थितियों में प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी और उसमें चुनाव पूर्व सभी दलों के उन योद्धाओं को शामिल कर लिया गया जो किन्हीं कारणों से सपा, बसपा और कांग्रेस में उपेक्षा का शिकार हो गये थे। भाजपा भी गलतफहमी का शिकार हो गई है कि उसे इन दल-बदलू नेताओं ने विधानसभा चुनाव जिताया है। चुनाव परिणामों से खुश होकर भाजपा ने ऐसे उपेक्षित दल-बदलू नेताओं के अहसान को चुकाने की खातिर एमएलसी पद हेतु अपना प्रत्याशी बना दिया। जिसका परिणाम 21 और 22 मार्च को दोनों दिन देखने को मिला, जिस-जिसको यह घटना देखने, सुनने और पढ़ने को मिली कि भाजपा के प्रत्याशियों और अन्य नेताओं ने मिलकर समाजवादी पार्टी के दो प्रत्याशियों को पहले दिन नामांकन पत्र दाखिल करने जाते समय नामांकन पत्र ही नहीं छीना बल्कि दोनों प्रत्याशियों को बहुत बुरी तरह पीटा भी। दूसरे दिन भी नामांकन पत्र की स्कूटनी कराने आये दोनों सपा प्रत्याशियों उदयवीर सिंह और राकेश यादव की जिलाधिकारी आवास के ठीक सामने इतनी पिटाई की गई कि वे अपनी दुर्गति को आजीवन नहीं भूल पायेंगे। यह सब बैरीकेटिंग के अंदर सैकड़ों की तादाद में मौजूद उन कानून के रखवालों की आंखों के सामने हुआ जिसे हम सब पुलिस कहते हैं। लोग कहते हैं कि पुलिस बहुत ताकतवर होती है, होती होगी उन गरीबों के लिए जिनका कानून में विश्वास होता है लेकिन उस दिन मीडिया के कैमरों ने सबको बता दिया कि राजनीति के आगे पुलिस भी कितनी लाचार थी। अधिकारियों ने अपने फोन तक नहीं उठाये, कानून व्यवस्था की बात करने वाली भाजपा के ही लोगों ने कानून व्यवस्था का खुला उल्लंघन किया था। अब किस मुंह से अच्छी कानून व्यवस्था का बखान भाजपा के बड़े-बड़े नेता अपनी सभाओं में मंचों से कर सकेंगे? समाचार पत्रों में सचित्र छपी खबरों ने समाज के हर वर्ग के लोगों को यह कहने को विवश कर दिया है कि ‘सत्ता पाय काहि मद नाहीं।’ लोग कहने लगे हैं कि जिस गुंडागर्दी को रोकने के लिए वोट दिया था वही इधर भी आ गई। भाजपा भी अब बदल रही है। लोग चटकारे ले-लेकर कह रहे हैं कि आगामी चुनावों में भी अन्य दलों के प्रत्याशियों को न तो नामांकन पत्र खरीदने दिया जायेगा और न जमा करने दिया जायेगा, क्योंकि एक दो दिन की गुंडागर्दी से ही चुनाव प्रक्रिया में खर्च होने वाले करोड़ों रूपयों को बचाया जा सकेगा। प्रशासन भी एक दो दिन को अपनी आंखें, कान बंद कर लिया करेगा। कुछ भी हो सपा प्रत्याशियों को एमएलसी चुनाव हेतु नामांकन पत्र जमा न करने देने से भाजपा ने अपने दामन में एक बदनुमा दाग लगा लिया है जिसकी उसके समर्थकों को उम्मीद नहीं थी। भाजपा के एक नेता (नपा चेयरमैन) ही अपना नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं कि ‘हम लोकसभा और विधानसभा चुनावों में गुंडागर्दी समाप्त करने के लिए वोट मांगने गये थे। गुंडागर्दी से त्रस्त लोगों ने हमें इसीलिए वोट भी दिया था कि हमारी पार्टी गुण्डों और दबंगों की समर्थक नहीं है, लेकिन गत दिनों जिला मुख्यालय पर एमएलसी चुनाव हेतु नामांकन कराने आये सपा प्रत्याशियों के साथ जो कुछ किया गया वह भारतीय जनता पार्टी के चरित्र के खिलाफ था। इससे पार्टी का दामन दागदार हुआ है। हम स्वयं शर्मिंदा हैं।’ जब पार्टी के नेता और कार्यकर्ता ही अपने लोगों द्वारा किये गये कृत्यों से शर्मिंदा होने लगें तो समझ लेना चाहिए कि उस पार्टी का पराभव निकट आ रहा है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को समय रहते चेत जाना चाहिए कि समाज ने समाजवादी पार्टी की गुंडागर्दी और दबंगई को नकारा है तो वही समाज भाजपा को भी गुंडागर्दी करने की इजाजत नहीं देगा। आप यह न समझें कि विधानसभा चुनाव अपनी चतुराई से जीते हैं बल्कि परिस्थितियां ऐसी हैं कि जिनमें अन्य राजनैतिक दलों को बहुसंख्यक मतदाता वर्ग अपने हितों के अनुकूल नहीं समझ पा रहा है। शीर्ष नेतृत्व को अपने राज्य स्तरीय और जनपद स्तरीय नेतृत्व की लगाम कसकर समाज को यह संदेश अविलम्ब देना चाहिए कि एटा जनपद में हुई मनमानी में उसकी सहमति नहीं थी। क्योंकि राजनीतिक दलों की आदर्श छवि बनाने में बहुत लम्बा समय लगता है लेकिन छवि को बिगाड़ने के लिए चंद घंटे ही काफी होते हैं।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks