वर्ल्ड हैड इंजरी डे पर अलीगढ़ के प्रख्यात न्यूरोसर्जन डॉ. नागेश वार्ष्णेय की सलाह

अलीगढ़।विश्व सिर की चोट के दिवस पर महानगर के प्रख्यात न्यूरोसर्जन डॉ.नागेश वार्ष्णेय ने सिर की चोट से होने वाली मृत्युदर के ग्राफ की ओर इशारा किया और कहा कि एक्सीडेंट की घटना में सिर की चोट का लगना हानिकारक है जबकि इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए ना सिर्फ यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए बल्कि शराब पीकर कभी गाड़ी नहीं चलानी चाहिए और बताया कि सिर की चोट से सम्बंध में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 20 मार्च को विश्व सिर की चोट का दिवस मनाया जाता है जबकि मस्तिष्क की चोट में रुग्णता,मृत्यु दर,विकलांगता के अलावा सामाजिक व आर्थिक हानि भी प्रमुख कारण है।उन्होंने कहा कि भारत में हर साल लगभग 10 लाख मौत सड़क व यातायात दुर्घटनाओं के अलावा गिरना व हिंसा से होती हैं।जबकि सभी तरह की चोटों में शराब की भागीदारी 20% होती है।डॉ.नागेश के अनुसार सिर की चोट की गंभीरता में कोमा में हुई मौत,खराब नियम विनियमन और बिना अनुशासन के कारण भारत में सिर की चोट की उच्चतम दर है।जबकि भारत में 6 में से 1 की मृत्यु हो जाती है,इसके अलावा अमेरिका में यह दर 200 में से 1 व्यक्ति है।डॉ.नागेश के अनुसार समस्त सिर की चोट से अधिकतर मृत्यु पहले 2 घंटे में हो जाती है और भारत में 95% पीड़ितों को शुरुआती घण्टो में उचित देखभाल नही मिल पाती जबकि सिर की चोट का परिणाम अस्पताल से पूर्व देखभाल पर ज्यादा आधारित होता है।डॉ.नागेश ने आगे कहा कि 20 से 40 साल की उम्र में सबसे अधिक शिकार होते हैं साथ ही परिवार के मुख्य अर्जक पर इसका बोझ ज्यादा पड़ता है।उन्होंने कहा कि पैदल यात्री और दो पहिया वाहन सबसे आम शिकार हैं।अंत में एक बार फिर डॉक्टर साहब ने सलाह दी है कि सभी दुपहिया वाहन चालकों एवं सवारी को अच्छी गुणवत्ता का हेलमेट पहनना चाहिए।शराब पीकर वाहन न चलाएं।चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें।वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें।अवयस्कों(18 साल से नीचे)को वाहन न चलाने दें।बच्चों को पेड़ पर न चढ़ने दें।छतों पर ऊंची चाहर दिवारी बनबानी चाहिए।सीढ़ियों,छतों पर पर्याप्त रोशनी का इस्तेमाल होना चाहिए और ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए।