जहां भी रहे कराएं फर्जी मुकदमें, विवादो से गहरा नाता

घिरोर ईओ पर फर्जी मुकदमा कराने का आरोप

– जहां भी रहे कराएं फर्जी मुकदमें, विवादो से गहरा नाता

मैनपुरी। यूपी के जिला मैनपुरी की घिरोर नगर पंचायत के ईओ का विवादो से गहरा नाता है। यह जहां पर भी तैनात रहते है वहां पर फर्जी मुकदमा जरुर दर्ज कराते है। चाहे फिर वह अलीगढ़ की जलाली नगर पंचायत हो या फिर बिजनौर की सहसपुर नगर पंचायत हो। सभी नगर पंचायत में ईओ की कार्यशैली एक ही रहती है। घिरोर नगर पंचायत में भी तैनात रहते हुए उन्होने फर्जी मुकदमा दर्ज कराया है।
नगर पंचायत घिरोर में तैनात ईओ नीलाव शल्या बर्ष 2017 में बिजनौर की सहसपुर नगर पंचायत में तैनात थें। जहां पर दिसंबर 2017 में ईओ ने सभासदो पर बंधक बनाने का मुकदमा पंजीकृत कराया था। वहां के स्थानीय सभासदो का आरोप था कि ईओ ने भ्रष्टाचार की सीमाएं लांधने का प्रयास किया जब विरोध किया तब फर्जी मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। वहां पर ज्यादा विवादित स्थिती बनने के बाद ईओ की शिकायत के बाद इनका स्थानांतरण अलीगढ़ की जलाली नगर पंचायत के लिए कर दिया गया। जहां पर धांधलगर्दी और घोटालो की सभी सीमाएं लांघने और विरोध करने पर अभद्र व्यवहार करने पर ईओ के खिलाफ वहां के चेयरमैन रोरन सिंह ने जून 2021 में मोर्चा खोला था। चेयरमैन ने मामले की शिकायत अपर मुख्य सचिव से की थी। जांच में ईओ ही दोषी पाए गए थें। तब इनका तबादला घिरोर के लिए कर दिया गया। जब से ईओ की तैनाती नगर पंचायत घिरोर में हुई है। तब से ईओ का विवादो से नाता खत्म होने का नाम नही ले रहा है।

अभद्रता करने के माहिर खिलाड़ी
नगर पंचायत घिरोर के ईओ नगर पंचायत कर्मियो के साथ अभद्रता करने के माहिर खिलाड़ी माने जाते है। क्यो कि जब यह सहसपुर और जलाली नगर पंचायत में तैनात थें। तब भी इनके ऊपर कर्मियो और चेयरमैन ने अभद्रता करने और गाली गलौज देने के आरोप लगाए थें। ऐसा ही घिरोर नगर पंचायत में हुआ है जहां पर गौशाला में तैनात गौरक्षक कमलकिशोर ने जातिसूचक गालियां और जान से मारने की धमकी देने के आरोप ईओ नीलाव शल्या पर लगाए है। जिसका मुकदमा भी कमलकिशोर ने पंजीकृत कराया है।

आखिर सभी जगह सभासद ही दोषी क्यो?
ईओ के द्वारा नगर पंचायत घिरोर में किए जा रहे क्रिया कलापो पर केवल एक ही सोचने वाली बात है कि सहसपुर नगर पंचायत या फिर जलाली नगर पंचायत हो या फिर घिरोर नगर पंचायत हो क्या इन सभी जगहो पर चेयरमैन और सभासद ही दोषी क्यो हो जाते है। ईओ गलत होने की श्रेणी में क्यो नही आते है।

जहां भी रहे बंधक बनाने का कराया मुकदमा
घिरोर से पहले ईओ जलाली नगर पंचायत में तैनात रहे थे जहां पर उन्होने पांच वार्ड सदस्यो के खिलाफ अभद्रता, गाली गलौज और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया था। जलाली के बाद ईओ सहसपुर नगर पंचायत में भी तैनात रह चुके है। जहां पर ईओ ने स्योहरा थाने में सभासदो और सभासद पुत्र के खिलाफ बंधक बनाने का मुकदमा दर्ज कराया था। अब घिरोर नगर पंचायत में भी तैनात रहते हुए भी ईओ ने नगर के चेयरमैन प्रतिनिधि सहित गौरक्षक व सभासद प्रतिनिधि व पूर्व मंत्री सदर विधायक ठा. जयवीर सिंह के प्रतिनिधि रह चुके व्यक्ति सहित सात लोगो के खिलाफ बंधक बनाने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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