बीजेपी प्रदेश की राजनीति के समीकरण बदलने में
बड़े भूचाल की आहट….

एटा जनपद के बड़े राजनैतिक चेहरों में शुमार रमेश यादव (पूर्व MLC व सभापति) के बेटे आशीष यादव (पूर्व विधायक) को बीजेपी नें (एटा मथुरा मैनपुरी) से MLC का टिकट देकर साफ कर दिया है कि बीजेपी अपने खेल में किसी भी चेहरे को शामिल कर सकती है।
2017 के चुनाव में समाजवादी पार्टी से बगावत करके शिवपाल यादव की प्रसपा से सदर एटा पर चुनाव लड़े थे, फिलहाल उस चुनाव में आशीष यादव नें करीब 11000 वोट पाए थे और सपा के प्रत्याशी को हराने का समीकरण तैयार किया था। लेकिन बीजेपी नें उस इनाम को देने में इतनी देरी क्यूँ कि समझ लीजिये….
2017 विधानसभा चुनाव को बीजेपी नें अपनी हवा पर जीता हुआ माना था।कहीं तक सही भी था और कुछ गणित भी….
लेकिन 2022 के चुनाव में सदर एटा विधानसभा सहित मारहरा विधानसभा तक के क्षेत्र को आशीष यादव द्वारा गोलवंदी करने से बीजेपी नें अपने चारों विधायकों को जीता लिया है।
विधानसभा चुनाव से पूर्व कई बार यह भी अफवाह उड़ी थीं कि सदर विधानसभा से इस बार आशीष यादव चुनाव लड़ेंगे लेकिन राजनीति के जानकारों को पहले से आभास था कि आशीष यादव बीजेपी मे दाखिल होंगे ही।बीजेपी नें राज्यसभा हरनाथ सिंह यादव को दाखिल करके ही साफ कर दिया था कि बीजेपी अपने परम्परागत वोटों के सापेक्ष यादव वोट को लुभाने के लिए बतौर यादव प्रत्याशी बीजेपी में एंट्री होनी है।अब इसके बड़े फायदे भी होने तय है तो वही नुकसान के लिए बीजेपी को तैयार रहना होगा…।
अभी जनपद से कई और बड़े चेहरे बीजेपी में आ रहें है।