
बथुआ, गाजर, चुकंदर, हल्दी,पलाश के फूलों से बनाये होली के स्वदेशी रंग।
–होली पूजन के साथ एस्ट्रो व्यूटी थेरेपी की सखियों ने स्वदेशी रंगों से खेली होली।
एटा,
एटा नगर के मोहल्ला शांति नगर स्थिति दुर्गा माता मंदिर पर होली पूजन के साथ ही बथुआ, गाजर, चुकंदर, हल्दी, पलाश के फूलों से स्वदेशी रंग बनाकर एस्ट्रो व्यूटी थेरेपी टीम ने रंगों की दुनियां में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने में सफलता हासिल की है।एस्ट्रो व्यूटी थेरेपी की निदेशक श्रीमती किरन ने कार्यक्रम के दौरान बताया होली के अवसर पर प्रयोग किया जाने बाला विदेशी रंग मानव शरीर को नुकसान पहुचाता है।और हमारी टीम दुआरा बनाया गया स्वदेसी रंग बास्तव में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति पर आधारित हैं जो मानव शरीर एक सुरक्षा कवच की भांति काम करता है ।उन्होंने कहा कि होली के त्यौहार का विज्ञान इससे जुड़ा सौंदर्य, श्रंगार तकनीकी पर आधारित हैं।एस्ट्रो व्यूटी थेरेपी इसपर लंबे समय से काम कर रही हैं जो अब सफलता प्राप्त करने में सफल हो रही है।इन रंगों का लोकार्पण नगर की प्रथम नागरिक मीरा गांधी ने माता दुर्गा मंदिर, शांति नगर के प्रांगण में किया।इन रंगों की सराहना बहन सुभ्रा सिंह ने की।इस अवसर पर पंचायत विकास संस्थान उत्तर प्रदेश की कोषाध्यक्ष श्रीमती सरिता एडवोकेट ने कहा कि एस्ट्रो व्यूटी थेरेपी दुआरा स्वदेशी रंगों का निर्माण एक दिन पूरे भारत में होली के त्यौहार के साथ ही अन्य उत्सवों पर भी इस्तेमाल किया जाएगा।और मोदी जी के स्व रोजगार और स्वावलंबन को मजबूती प्रदान करेगा, और उनका मजबूत भारत का निर्माण हो ऐसा सपना पूरा होगा।अंत में सरिता ने कहा कि अखण्ड भारत के निर्माण में स्वदेशी रंग भी एक दिन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगे,और भारत की पंचायतों में स्वरोजगार योजना की स्थापना में सहयोगी होंगे।
इस अवसर पर होली के अमृत महोत्सव में एस्ट्रो व्यूटी थेरेपी की सखियों ने होली की पूजा अर्चना की,और दुर्गा मंदिर के प्रांगण में स्वदेसी रंगों से जमकर गुलाल लगाकर होली खेली।इस अवसर पर कार्यक्रम की संरक्षक राममूर्ति देवी,यज्ञेश, नेहा, सरिता एडवो0,रिचा, रेखा, मानू, सिद्धि, विधि, परी, वाची, नंदिनी आदि सखियां उपस्थित रही।