होलिका दहन आज, कल उड़ेगा रंग-गुलाल

होलिका दहन आज, कल उड़ेगा रंग-गुलाल
एटा। होलिका दहन बृहस्पतिवार को किया जाएगा। जबकि शुक्रवार को रंग और गुलाल खेला जाएगा। इसके लिए सभी ने अपने-अपने स्तर से तैयारियां की हैं। 1907 स्थानों पर होली रखी गई है। बृहस्पतिवार के अलावा शुक्रवार तड़के भी दहन का मुहूर्त है।
होली के त्योहार पर होलिका के पूजन का विशेष महत्व है। बिना होलिका पूजन के रंगोत्सव नहीं मनाया जाता है। शहर में 170 स्थानों पर होलिका दहन किया जाएगा। शहर के प्रमुख होली मोहल्ला, नन्नूमल चौराहा सहित अन्य मोहल्लों और चौराहों पर होली सज चुकी है। लोग पेड़ काटकर होली जलाने के स्थान पर कंडों से होली जलाने पर जोर दे रहे हैं।
नगर पालिका चलाएगी विशेष सफाई अभियान
शहर में नगर पालिका होलिका स्थलों पर बृहस्पतिवार को विशेष सफाई अभियान चलाएगी। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को शुभ मुहूर्त में होलिका दहन होना है, ऐसे में साफ-सफाई को लेकर किसी को शिकायत न रहे, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। नगर पालिका की ओर से होलिका स्थल पर साफ-सफाई के साथ चूना और लाइट की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से होली निगरानी समिति का गठन किया जाएगा। जिससे कहीं पर कोई उपद्रव हो तो उसकी सूचना तत्काल कंट्रोल रूम पर दी जा सके।
होलिका पूजन और दहन के ये हैं शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य गोविंद दुबे ने बताया कि फाल्गुन मास की पूर्णिमा बृहस्पतिवार को दोपहर एक बजकर 29 मिनट से लग रही है। इस दौरान सिंह राशि में चंद्रमा का निवास होने की वजह से भद्रा का दोष रहेगा। इसलिए दिन में शुभ कार्य नहीं किए जाएंगे। रात्रि में भद्रा दोष का असर न होने की वजह से होली का पूजन शाम 6 बजकर 21 मिनट से 7 बजकर 50 मिनट तक रहेगा । इस दौरान होली का पूजन किया जाएगा। जबकि होलिका दहन के इस बार दो शुभ मुहूर्त हैं। बृहस्पतिवार की रात को 9 बजकर पांच मिनट से 10 बजकर 15 मिनट के बीच होलिका दहन किया जाएगा। वहीं 18 मार्च को सूर्योदय से पहले ब्रह्म मुहूर्त में होलिका दहन किया जा सकता है।
ऐसे करें पूजन
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि बृहस्पतिवार को स्नान करने के बाद होलिका पूजन और व्रत का संकल्प लें। शाम को होलिका दहन स्थल को शुद्ध जल से पवित्र कर लकड़ी, सूखे उपले रखें। मिष्ठान, धूप बत्ती से उसका पूजन करें। होलिका जलने के समय कपूर डालें और सात परिक्रमा कर गेहूं जौ, चने की बाल को होली में भूनें और होली की भस्म घर पर लाकर पूजा वाले स्थान पर रखें।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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