धोबीघाट आरओबी: 76.5 मीटर लंबे दूसरे धनुषाकार गर्डर जल्द होगा लांच

गाजियाबाद। धोबीघाट आरओबी के दोनों ओर का निर्माण अधिकांश हो चुका है। पहले गार्डर पर आरसीसी बिछाने के बाद दीवार बनाने का काम चल रहा है। बावजूद इसके काफी काम बचा है।
दूसरा गर्डर लांच होने के बाद काम में तेजी आएगी। धोबीघाट रेल ओवर ब्रिज के 76.5 मीटर लंबे दूसरे धनुषाकार गर्डर को जल्द ही लांच किया जाएगा।
यह गर्डर विजयनगर साइड से प्लेटफार्म 3-4 को जोड़ेगा। विजयनगर साइड में गर्डर तैयार कर लिया गया है।
गर्डर को रखने के लिए रेलवे अधिकारी ब्लाक का प्रस्ताव बना रहे हैं। ब्लाक के प्रस्ताव पर मुहर लगते ही गर्डर रखने का काम शुरू हो जाएगा।
हालांकि गर्डर रखने के बाद भी दो महीने से अधिक समय धोबीघाट आरओबी को तैयार होने में लगेगा।
धनुषाकार गर्डर को लांच करने की तैयारी में सात माह से भी अधिक का समय लग चुका है। पहले गर्डर में इससे भी अधिक समय लगा था, जो जुलाई 2021 में लांच हुआ था। इसकी वजह है कि 660 टन वजन का यह गर्डर साइट पर ही असेंबल किया जाता है।
एक गर्डर में 40 हजार नट बोल्ट हैं, जिन्हें कसने में ही दो माह लग जाते हैं। इसे लांच करने के लिए लोहे के 6-6 स्पैन दोनों ओर लगाए गए हैं। लोहे के ही गर्डर रखकर इन्हें आपस में जोड़कर रेलवे लाइन बिछा दी गई है।
अब इस 660 टन वजनी धनुषाकार गर्डर को हाइड्रोलिक सिस्टम के जरिये सरकाकर अपनी जगह पहुंचाया जाएगा। अभी भी पूरे आरओबी पर सड़क निर्माण, गर्डर के हिस्से पर चारदीवारी, साइकिल ट्रैक व साउंड बैरियर लगाने के साथ ही अस्थायी स्टेजिग हटाने का काम अभी बचा है।
चौधरी मोड़ पर यातायात प्रबंधन की भी योजना अभी नहीं बनी है, जो जीडीए की ओर से कराया जाएगा।
चौधरी मोड़ पर चौराहा को खत्म करने और माडल टाउन चौकी हटाकर यू-टर्न बनाने का प्रस्ताव है।