
उन्नाव में 63 दिनों से लापता एक दलित लड़की का शव पूर्व राज्य मंत्री और सपा नेता फतेह बहादुर सिंह के प्लॉट से मिला है। कुछ दिन पहले मृतका की मां ने लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की गाड़ी के सामने कूदकर अपनी जान देने की कोशिश की थी, लेकिन उसे पुलिसवालों ने बचा लिया था। तब भी मां ने खुलेआम कहा था कि उसकी बेटी को पूर्व मंत्री के बेटे राजोल सिंह ने गायब किया है। पुलिस ने मंगलवार को मौके पर पहुंच कर मंत्री के प्लॉट की खुदाई शुरू की। करीब 4 घंटे की खुदाई के बाद 3 फीट गहरे गड्ढे से लड़की का शव बरामद किया गया।
पीड़िता की मां रीता ने कहा, ‘बेटी को राजोल ने मार के गाड़ दिया। पुलिस ने मेरी कोई मदद नहीं की। पुलिस आरोपी से मिली थी। मैं इतने दिनों से परेशान थी। आज मुझे अपनी बेटी का शव मिला है। अगर ये लोग मेरी मदद कर देते, तो आज बेटी जिंदा होती। राजोल एक जल्लाद है। दो महीने से मेरी बेटी गायब थी। पुलिस मुझसे कह रही थी कि तुम्हारी बेटी किसी के साथ भाग गई होगी। जल्दी वापस आ जाएगी। मेरे भाई ने आज मुझे बताया कि बिटिया की लाश मिल गई है। यहां आकर देखा, तो बिटिया का शव गड्ढे में गढ़ा था’।
ASP शशि शेखर सिंह ने बताया कि एक महिला ने 8 दिसंबर को बेटी की गुमशुदगी का केस दर्ज करवाया था। उसके आधार पर केस दर्ज करके जांच की जा रही थी। 25 जनवरी को आरोपी राजोल को जेल भेजा गया था। युवती की तलाश के लिए प्रयास किए जा रहे थे। आज मुखबिर से सूचना मिली की आरोपी के घर के पास में ही शव गड़ा है। जहां खुदाई के बाद लड़की का शव बरामद हुआ है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आगे विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पीड़िता रीता देवी ने पिछले महीने आठ दिसम्बर को सपा कार्यालय में शिकायती पत्र भी दिया था। इसमें उसने आरोप लगाया था कि पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री फतेह बहादुर सिंह के बेटे राजोल सिंह उर्फ अरुण सिंह ने अपने दोस्तों के साथ उसकी बेटी को अगवा कर लिया है। मामले में सदर कोतवाली की पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़िता का आरोप है कि वो कई बार सीओ से मिल चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
युवती 8 दिसंबर 2021 को अपने घर से गायब हो गई थी। परिवार ने तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। पूर्व राज्यमंत्री और सहकारी विभाग के चेयरमैन फतेह बहादुर के बेटे राजोल सिंह पर लड़की को गायब करने का आरोप लगा था। तब पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। 11 जनवरी 2022 को मामला एससी एसटी एक्ट का होने के चलते सीओ ने मामला बदल दिया।
परेशान मां अफसरों के चौखट पर न्याय की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। 24 जनवरी को परेशान होकर युवती की मां लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की गाड़ी के आगे कूद गई थी। जिसके बाद पुलिस ने 25 जनवरी को आरोपी राजोल सिंह को जेल भेज दिया था। 4 फरवरी को पुलिस ने राजोल सिंह को पीसीआर रिमांड पर लेकर पूछताछ की, लेकिन सफलता नहीं हासिल हुई।