
ताला-हार्डवेयर इंडस्ट्री को आम बजट से मिली मामूली राहत – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – आम बजट से ताला-हार्डवेयर इंडस्ट्री को मामूली राहत मिलती दिखाई दे रही है। एमएसएमई सेक्टर के लिए आम बजट में कई इंतजाम किए गए हैं, लेकिन तात्कालिक लाभ इकाईयों को नहीं है।आगामी आने वाले साल में ताला-हार्डवेयर इंडस्ट्री में आर्डर की बौछार हो सकती है। पीएम आवास के तहत देशभर में 80 लाख मकान बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है, इससे ताला-हार्डवेयर के आर्डर बढ़ेंगे। स्टेनलेस स्टील से कस्टम ड्यूटी हटने का सीधा फायदा अलीगढ़ की इकाईयों को मिलेगा।आम बजट से औद्योगिक इकाईयों को आशाएं ढेर थी, लेकिन उसके अनुरूप लाभ नहीं मिला है। कच्चे माल पर इंपोर्ट ड्यूटी में कमी की घोषणा से रॉ मटेरियल सस्ता होगा, जिसका इंडस्ट्री को फायदा मिलेगा। अलीगढ़ की ताला-हार्डवेयर इंडस्ट्री की दो प्रमुख मांगे थीं। कच्चे माल की कीमतों को नियंत्रण करने के लिए ठोस नीति बने और कोविड काल में आर्थिक स्थिति जिन इकाईयों की कमजोर हुई है उनको बिना ब्याज के लोन दिया जाए। ताकि ऐसी इकाईयां संचालित हो पाएं। हालांकि एमएसएमई सेक्टर के लिए दो हजार करोड़ रुपये के ऋण का बंदोबस्त किया गया है। इसके तहत लघु उद्यमी इसका फायदा उठा सकते हैं। अलीगढ़ के ताला-हार्डवेयर कारोबारियों की माने तो आम बजट इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित है। जिसका लाभ आगे चलकर इकाईयों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप में मिलेगा।अलीगढ़ की ताला, हार्डवेयर व पीतल मूर्ति इंडस्ट्री की पिछले दो सालों से कच्चे माल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी व अस्थिरता के कारण परेशान है। लोहा, जिंक, एल्युमीनिय, तांबा, जस्ता समेत सभी धातुओं के रेट चार गुना तक बढ़ गए। ऐसा माना जा रहा था कि बड़ी इकाईयां कच्चा माल एक्सपोर्ट कर रही हैं, जिससे किल्लत हो रही है। लेकिन कच्चे माल पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने का फैसला सरकार ने आम बजट में लिया है, जिसका सीधा फायदा अलीगढ़ की ताला, हार्डवेयर व पीतल मूर्ति इंडस्ट्री को मिलेगा। करीब छह हजार इकाईयां इससे लाभांवित होंगी।कोरोना काल के बाद एमएसएमई सेक्टर के लिए सरकार ने लिमिट बढ़ा दी थी, जिससे उद्यमियों को राहत मिली थी। आम बजट में दो हजार करोड़ रुपये का और बंदोबस्त किया गया है। इसका भी उद्यमियों को लाभ मिलेगा।अलीगढ़ में तााल-हार्डवेयर व मूर्तियों को चमकाने व साफ करने के लिए इलेक्ट्रोप्लेटिंग का काम बड़े पैमाने पर होता है। केमिकल पर इंपोर्ट ड्यूटी सरकार ने पांच फीसदी तक बढ़ाने का आम बजट में ऐलान किया है। इससे केमिकल के रेट बढ़ेंगे और इलेक्ट्रोप्लेटिंग की दरों में इजाफा होगा। तालानगरी के उद्यमियों ने कहा कि मध्यम वर्गीय आय के लोगों का सरकार ने ख्याल नहीं रखा। इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव होता है तो बाजार में नकदी का फ्लो बढ़ता है और इससे आर्डर मिलते हैं।