
झोलाछाप पर मुकदमा, फिजियोथेरेपिस्ट को थमाया नोटिस – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – कोरोना संक्रमण और विधानसभा चुनाव के बीच में स्वास्थ्य विभाग शिकायतों को भी गंभीरता से लेकर कार्यवाही करने में जुटा है। झोलाछाप नोडल अधिकारियों ने खैर में एक फिजियोथेरेपिस्ट के सेंटर पर छापामार कर जहां चिकित्सकीय उपकरण और दवा आदि बरामद किया वहीं एक झोलाछाप को फर्जी प्रैक्टिस करते हुए पकड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने फिजियोथेरेपिस्ट पर नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब देने को कहा तो झोला छाप पर मुकदमा दर्ज कराया है।झोलाछाप नोडल अधिकारी डॉ. दुर्गेश कुमार व लिपिक पुष्पेंद्र शर्मा व कार्यालय के सहायकों के साथ खैर क्षेत्र में निरीक्षण को निकले। इस दौरान उन्होंने आधा दर्जन लैब, क्लीनिक को चेकर करते हुए खैर के अरनी में एक फीजियोथेरेपिस्ट सेंटर पर पहुंच गए। डॉ. दुर्गेश ने वाहन रोकर फीजियोथेरेपिस्ट सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे। टीम ने सेंटर पर चिकित्सकीय उपकरण आदि बरामद किए। टीम ने चिकित्सक होने का प्रमाण मांगा तो उपलब्ध नहीं करा। टीम ने चिकित्सकीय उपकरण को जब्त कर दिया। इतने में भारी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। मौके की नजाकत को समझते हुए टीम ने संचालक हरीश को नोटिस जारी वहां से निकल गई। वहीं दूसरी ओर ने डॉ. दुर्गेश की रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी ने बिजौली ब्लाक के दादों में फर्जी प्रमाण पत्र पर चिकित्सकीय उपचार करने फहीम पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश जारी किया था। जिसके आधार पर डॉ. दुर्गेश ने फहीम पर मुकदमा दर्ज कराया है। इसकी शिकायत इरशाद ने विभाग में की थी। एसीएमओ डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया फीजियोथेरेपिस्ट को नोटिस जारी किया गया है, जबकि झोलाछाप पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। कहा कि फीजियोथेरेपिस्ट खुद का डॉक्टर नहीं लिखते है। यह गलत है। ऐसे लोगों पर विभाग जल्द कार्रवाई करेगा। यही नहीं फीजियोथेरेपिस्ट चिकित्सकीय उपचार नहीं कर सकता है। अगर वह करता है तो गलत है। उस पर भी कार्रवाई होगी।