कांग्रेस ने एक बार फिर पूर्व एमएलसी विवेक बंसल को मैदान में उतारा – रिपोर्ट शुभम शर्मा

कांग्रेस ने एक बार फिर पूर्व एमएलसी विवेक बंसल को मैदान में उतारा – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने टिकट जारी करने में बाजी मार ली है। जिले की सात विधानसभा क्षेत्रा में से चार पर गुरुवार को प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी। कोल विधानसभा में कांग्रेस ने एक बार फिर पूर्व एमएलसी विवेक बंसल पर दांव खेलते हुए मैदान में उतारा है। बंसल इस सीट पर तीसरी बार चुनाव लड़ेंगे। शहर सीट पर एएमयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, बरौली से गौरांग देव चौहान और अतरौली से धमेंद्र कुमार को प्रत्याशी बनाया है। जिले की शिकायत से 11 साल से दूर कांग्रेस में पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने जांच फूंकने का काम किया है। पिछले चुनावों में जहां दावेदारों का संकट रहता था वहीं इस बार दावेदारों की लंबी कतार थी। हालांकि कोल सीट पर पूर्व एमएलसी विवेक बंसल के सामने कोई नेता नहीं आया। केवल इं. आगा यूनुस ने ही ताल ठोकी थी। शहर सीट पर मो. जियाउद्दीन राही, मनोज सक्सेना, हाजी अरशान, यज्ञा अग्रवाल, रेखा शर्मा, मो. शारिक एडवोकेट, सुलेमान निजामी, असद फारुख, वसीम अहमद, सीपी गौतम व उनकी पत्नी दावेदार थे। इसमें बाजी मारी कांग्रेस में पिछले साल नवंबर में शामिल हुए ऊपर कोट निवासी सलमान इम्तियाज ने। कांग्रेसी इस फैसले का विराेध भी कर रहे हैं। बरौली से कुंवर गौरांग देव चौहान, विनोद पांडेय, अनिल कुमार सिंह, जयदेव उपाध्याय, विजय सारस्वत, सुषमा शर्मा एडवोकेट, रमेश चंद्र शर्मा, धर्मेंद्र सिंह चौहान दावेदारों की सूची में थे। इनमें कुंवर गौरांग देव चौहान बाजी मार गए। अतरौली से धर्मेंद्र कुमार लोधी के अलावा संगीता राजपूत व डा. ऋचा शर्मा और खैर से रोहताश सिंह जाटव, ज्ञान सिंह, राम गोपाल रैना, हेमंत कुमार व सपना पासवान भी दावेदार थे। हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी विवेक बंसल लगातार पांचवीं बार विधानसभा प्रत्याशी होंगे। वर्ष 2002 में शहर विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए बंसल दो बार शहर व नए परसीमन से हुए कोल विधानसभा से वर्ष 2012 व 2017 भी प्रत्याशी रहे थे। बंसल ने छात्र जीवन से ही कांग्रेस से ही सियासी पारी की शुरूआत की। महानगर में विभिन्न पदों पर संगठन का दायित्व देखा। जब वे महानगर अध्यक्ष थे, तब पहली बार शहर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने टिकट दिया। यह वह दौर था, जब कांग्रेस संघर्ष कर रही थी। विवेक बंसल ने सपा के विधायक अब्दुल खालिक को चुनाव में करारी शिकस्त देकर जीत हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2008 में हुए विधान परिषद स्नातक का चुनाव जीता। नए परसीमन के तहत बंसल ने अपना क्षेत्र बदला।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks