तुलसी पूजन दिवस विशेष: जानिए क्यों आज का दिन है महत्वपूर्ण

तुलसी पूजन दिवस विशेष: जानिए क्यों आज का दिन है महत्वपूर्ण

आज तुलसी पूजन दिवस है। हम सभी जानते हैं कि हमारी भारतीय संस्कृति में तुलसी का स्थान पवित्र और महत्त्वपूर्ण है। यह मां के समान सभी प्रकार से हमारी रक्षा और पोषण करती है। तुलसी पूजन के लाभ तो है ही साथ ही इसके पूजन से आर्थिक लाभ और आध्यात्मिक लाभ भी होते हैं। तुलसी पूजन से बुद्धिबल, मनोबल और आरोग्यबल का विकास होता है।

पुराणों में तुलसी का महत्व

  • स्कंद पुराण के अनुसार, जिस घर में तुलसी का बगीचा होता है अथवा प्रतिदिन पूजन होता है उसमें यमदूत प्रवेश नहीं करते। तुलसी की उपस्थिति मात्र से हलके स्पंदनों, नकारात्मक शक्तियों एवं दुष्ट विचारों से रक्षा होती है ।
  • गरुड पुराण के में मुताबिक, तुलसी का वृक्ष लगाने, पालन करने, सींचने तथा ध्यान, स्पर्श और गुणगान करने से पूर्व जन्मार्जित पाप जलकर खत्म हो जाते हैं।
  • पद्म पुराण के अनुसार, तुलसी के निकट जिस मंत्र-स्तोत्र आदि का जप-पाठ किया जाता है, वह सब अनंत गुना फल देनेवाला होता है।
  • ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, मृत्यु के समय मृतक के मुख में तुलसी के पत्तों का जल डालने से वह सम्पूर्ण पापों से मुक्त होकर भगवान विष्णु के लोक में जाता है।
    दरिद्रतानाशक तुलसी
  • ईशान कोण में तुलसी लगाने से तथा पूजा के स्थान पर गंगाजल रखने से घर में बरकत होती है ।
  • तुलसी पूजन दिवस के दिन शुद्ध भाव व भक्ति से तुलसी के पौधे की 108 परिक्रमा करने से दरिद्रता दूर होती है।

पूजन विधि और मंत्
आज के दिन सुबह घर के स्वच्छ स्थान पर तुलसी के गमले को कुछ ऊंचे स्थान पर रखें। उसमें यह मंत्र बोलते हुए जल चढाएं :
महाप्रसादजननी सर्वसौभाग्यवद्र्धिनी।
आधिव्याधिहरा नित्यं तुलसी त्वं नमोऽस्तु ते।।

फिर तुलस्यै नमः। मंत्र बोलते हुए तिलक करें, अक्षत, पुष्प, वस्त्र व कुछ प्रसाद चढाएं। आरती करें और तुलसीजी की 7, 11, 21, 51 या 108 परिक्रमा करें। उस शुद्ध वातावरण में शांत होकर भगवत्प्रार्थना एवं भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करें। तुलसी के पास प्राणायाम करने से बल, बुद्धि और ओज की वृद्धि होती है। फिर तुलसी के पत्ते डालकर प्रसाद वितरित करें। इस प्रकार से तुलसी-पूजन कर घर में पवित्र वातावरण बनाएं तथा 12 बजे तक तुलसी के समीप रात्रि-जागरण कर भजन, कीर्तन व जप करके भगवद्-विश्रांति पाएं। तुलसी-पूजन आश्रम या तुलसी वन अथवा जहां भी आपको अनुकूल लगे वहां पूजा कर सकते हैं।
तुलसी एक, लाभ अनेक

  • तुलसी शरीर के सभी रोगों के लिए रामबाण औषधि है
  • तुलसी प्रदूषित वायु का शुद्ध करती है। इसके रोजना इस्तेमाल से भंयकर से भंयकर रोग भी ठीक हो जाते हैं।
  • सुबह खाली पेट तुलसी के 5-7 पत्ते चबाकर पानी पीने से बल, तेज और स्मरणशक्ति बढती है।
  • तुलसी किडनी के काम करने की क्षमता को बढ़ाता है। कोलेस्ट्रोल को सामान्य बना देती है। हृदयरोग में आश्चर्यजनक लाभ करती है। आंतों के रोगों के लिए तो यह रामबाण है।
  • तुलसी एक अद्भुत औषधि है, जो ब्लडप्रेशर और पाचनतंत्र को सही रखता है।

पर्यावरण के लिए लाभकारी है तुलसी, क्या कहते हैं वैज्ञानिक तथ्य

  • तिरुपति के एस.वी. विश्वविद्यालय में किये गये एक अध्ययन के अनुसार तुलसी का पौधा पर्यावरण में ओजोन वायु छोडता है, जो हमारे लिए संजीवनी है।
  • आभामंडल नापने के यंत्र ‘यूनिवर्सल स्केनरय के माध्यम से तकनीकी विशेषज्ञ श्री के.एम. जैन द्वारा किए गए परीक्षणों से यह बात सामने आयी है कि यदि कोई व्यक्ति तुलसी के पौधे की 9 बार परिक्रमा करे तो उसके आभामंडल के प्रभाव-क्षेत्र में 3 मीटर की आश्चर्यकारक बढ़ोतरी होती है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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