राजकीय बालिका गृह की स्थापना की जाए – रघुनंदन।
महिला आयोग की सदस्य को सौंपा मांग पत्र।
नाबालिगों को करना पड़ता है दिक्कतों का सामना।

कासगंज 24 दिसंबर। नाबालिग बेटियों के पोषण एवं संरक्षण हेतु जनपद कासगंज में बालिका गृह खोले जाने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता डॉ प्रदीप रघुनंदन के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती निर्मला दीक्षित से मुलाकात कर उन्हें एक मांग पत्र सौंपा l मांग पत्र में जूनाइल जस्टिस के तहत पोषण और उसकी जरूरतमंद बालिकाओं के लिए जनपद में बालिका गृह न होने की स्थिति में बालिकाओं को मथुरा या अन्य जनपद स्थानांतरित किया जाता है जिसकी वजह से उनके पोषण और संरक्षण में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और उनके परिवार जन भी भटकते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ रघुनंदन ने ज्ञापन में मांग की कि जनपद की बच्चों के पोषण और संरक्षण की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जनपद में राजकीय बालिका गृह खुला जाना अत्यावश्यक है जिससे बाल कल्याण समिति न्याय पीठ में प्रस्तुत होने वाली बच्चियां जो अपनी असहमति के कारण मां-बाप के साथ जाने को तैयार नहीं होती हैं तो उनके परीक्षण एवं अन्य दूसरे विधिक कार्यवाही के लिए उन्हें राजकीय बालिका गृह में रखने की व्यवस्था हो सके।
बाल कल्याण समिति कासगंज के अध्यक्ष प्रवीण कुमार शर्मा ने कहा कि बालिका गृह के न होने से पीठ को अपने कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जिसकी वजह से उम्र और दूसरे पोषण संबंधी कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है l बालिका गृह को खोला जाना अत्यावश्यक है और इसके खुलने से बाल कल्याण समिति को अपने कार्य में काफी सुगमता हो जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता उपाध्याय ने कहा कि महिलाओं की पोषण और संरक्षण के लिए सरकार कृत संकल्पित है l ऐसे में कासगंज जैसे प्रगति शाली जनपद में बालिका गृह का ना होना दुर्भाग्यपूर्ण हैl उन्होंने कहा कि इस संबंध में शीघ्र ही कार्रवाई होनी चाहिए। इस अवसर पर महिला कल्याण अधिकारी रितु यादव संरक्षण अधिकारी श्रीमती ललितेश भानु कुमार सुरेश शर्मा मोहम्मद यासीन कुमार पाल सिंह मूलचंद मौर्या राम दुलारे हनीफ खान सहित गणमान्य लोग उपस्थित थे।