
स्मार्ट परियोजनाओं को सार्वजनिक करने का दावा कर भूले अफसर – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं को सार्वजनिक करने का दावा कर अफसर भूल गए। शायद यही वजह है कि किसी परियोजना का होर्डिंग, प्रोजेक्टर नहीं लगाया गया। जबकि, स्मार्ट सिटी एडवाइजरी फार्म में इसका प्रचार-प्रसार किया था। अफसरों का कहना था जिन परियोजनाओं पर पर काम चल रहा है, वहां उसकी पूरी जानकारी देते हुए होर्डिंग लगाए जाएंगे, जिससे सभी को पता चल सके कि क्या परियोजना है, कितने दिन में काम पूरा होगा और क्या क्या सुविधाएं मिलेंगी। करीब एक हजार करोड़ रुपये की स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं में लेटलतीफी से पहले ही काफी किरकिरी हो चुकी है। अब इन्हें सार्वजनिक करने से अफसर कतरा रहे हैं। ऐसा तब है जब पिछले दिनों अलीगढ़ आए स्मार्ट सिटी के मिशन निदेशक कुणाल कुमार ने इसके दिशा निर्देश दिए थे। अचलताल, लाल डिग्गी एवं स्मार्ट रोड के निरीक्षण के बाद उन्होंने परियोजनाओं को जल्दी से पूरा कर जनता को सौंपने का निर्देश दिया था। 172.5 करोड़ रुपये के आठ परियोजनाओं को विभिन्न विभागों को आवंटित करने का निर्णय लिया गया। 90 करोड़ की कैरिजवे परियोजना परियोजना को पीडब्लूडी को आवंटित गया। इसके तहत बरछी बहादुर से मौलाना अब्दुल खालिक रोड क्रासिंग, मौलाना अब्दुल खालिक रोड क्रासिंग से मदीपुरा क्रासिंग, मदीपुरा क्रासिंग से मीनाक्षी पुल तक, मीनाक्षी पुल से छर्रा अड्डा क्रासिंग तक, बन्नादेवी चर्च से रेलवे रोड क्रासिंग तक, अब्दुल करीम क्रासिंग से जीटी रोड क्रासिंग, देहलीगेट से बारहद्वारी, रेलवे रोड मालगोदाम क्रासिंग से अब्दुल करीम क्रासिंग तक निर्माण कार्य होने हैं। 45 करोड़ रुपये की लागत से चार चौराहों का विकास करना है, जिसमें क्वार्सी चौराहा, सासनी चौराहा, सूतमिल चौराहा और एटा चुंगी चौराहा शामिल हैं। इसके अलावा 30 स्थानों पर वेंडिंग जोन बनाए जाने हैं। शहर में 10 स्थानों पर फूड प्लाजा बनने हैं। फूड प्लाजा में पार्किंग, डस्टबिन, लाइटिंग, शौचालय और स्वच्छ पेयजल की सुविधा होगी।