
फर्मों से फर्जी खरीद दिखाकर सरकार को पांच करोड़ का चूना – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – फर्जी फर्मों से खरीद दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने का गोरखधंधा जारी है। वाणिज्य कर विभाग एसआईबी ने तालानगरी में एक फर्म का पर्दाफाश किया है,जिसने दो सालों में दिल्ली की बोगस फर्मों से खरीद दिखाकर पांच करोड़ रुपये की आईटीसी का लाभ लेकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया है। कंपनी ने दो सालों में करीब 22 करोड़ रुपये का टर्न ओवर किया है। जांच में दिल्ली की सभी फर्में बोगस मिली हैं । सासनी गेट पर जैन संस ट्रांसपोर्ट कंपनी पर पूर्वांचल व बिहार जा रहा ताला-हार्डवेयर का 222 नग माल बिना दस्तावेज के सीज किया गया।वाणिज्य कर विभाग एसआईबी के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड दो अनूप कुमार माहेश्वरी के निर्देश पर जेसी एसआईबी ओपी राय के निर्देशन में एसआईबी के डिप्टी कमिश्नर आरपीएस कौंतेय ने टीम के साथ 16 दिसंबर 2021 को तालानगरी व ट्रांसपोर्ट कंपनी पर एक साथ कार्रवाई की। तालानगरी में श्रीरतन मेटल इंडस्ट्री की जांच की गई तो फर्जी फर्मों से खरीद दिखाकर आईटीसी लेने का मामला सामने आया। कंपनी ने दिल्ली की करीब 10 बोगस फर्मों का बिल लगाकर जिंक, एल्युमीनियम, पीतल व अन्य धातुओं की खरीद दिखाई। फर्म ने करीब 5 करोड़ रुपये की आईटीसी ली है। सरकार को एक भी रुपये का टैक्स नहीं मिला।जांच में सामने आया है कि दिल्ली की जिन कंपनियों से खरीद दिखाई गई है वह सभी बोगस निकली हैं। जो दस्तावेज लगाए गए हैं वह गलत हैं। दिल्ली की एक फर्म का सभी 10 फर्जी फर्मों पर मोबाइल नंबर अंकित किया है। पूर्व में गलत आईटीसी लेने वाली फर्मों की जांच में श्रीरतन मेटल इंडस्ट्री का नाम सामने आया था। श्रीरतन मेटल इंडस्ट्री ने अलीगढ़ की कई बड़ी फर्मों को आईटीसी ट्रांसफर की है।