
साथा चीनी मिल को बजट नहीं तो भाजपा नेताओं की नो-एंट्री – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – विधानसभा चुनाव से पहले आज प्रदेश सरकार सदन में अनुपूरक बजट पेश करने जा रही है। इस बजट से अलीगढ़ के गन्ना किसानों को काफी आस है। जिले की एकमात्र साथा सहकारी चीनी मिल की क्षमता बढ़ाए जाने व एथनॉल प्लांट स्थापित किए जाने की मांग किसान लंबे समय से करते आ रहे हैं। किसान संगठनों ने चेतावनी भी दी है कि अगर अनुपूरक बजट में साथा चीनी मिल के लिए घोषणा नहीं की गई तो जिले में भाजपा नेताओं को घुसने नहीं दिया जाएगा।1976 में स्थापित साथा चीनी मिल की कुल क्षमता 1250 टीसीडी है। मिल की क्षमता बढ़ाने व एथनॉल प्लांट लगाए जाने के लिए 50 करोड़ रूपए की दरकार है। हर साल करोड़ों रूपए मिल की मरम्मत पर खर्च कर दिए जाते हैं। इस बार भी जर्जर हो चुकी चीनी मिल की मरम्मत के लिए 85 लाख रूपए खर्च किए जा चुके हैं। बीते दिनों अलीगढ़ में पीएम मोदी के कार्यक्रम से पहले किसानों ने गन्ना चीनी मिल मंत्री सुरेश राणा का घेराव किया था। तब गन्ना मंत्री द्वारा अनुपूरक बजट में मिल को लेकर घोषणा किए जाने का आश्वासन दिया गया था। अब साथा चीनी मिल संघर्ष मोर्चा की बैठक में डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह ने कहा है कि चीनी मिल के समय से न चलने के लिए जिला प्रशासन एवं गन्ना विभाग के अधिकारी जिम्मेदार हैं। यदि सरकार ने अपने वायदे के मुताविक अनुपूरक बजट में चीनी मिल की घोषणा नही की तो अलीगढ़ में सातो विधानसभा सीटों पर किसान भाजपा का चुनाव में विरोध करेंगे। वहीं शहर में आने वाले सभी रास्तों को ट्रैक्टर ट्रॉली से बंद करने के लिए मजबूर होगा। भाजपा नेताओं को जिले में घुसने नहीं दिया जाएगा।