सोरों जी के ऐतिहासिक महत्व को लेकर पैनोरमा एवं म्यूजियम स्थापित करने की मांग।
जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन।
तीर्थ नगरी का पौराणिक महत्व संरक्षित हो।

कासगंज 15 दिसंबर। ऐतिहासिक तीर्थ नगरी शूकर क्षेत्र सोरों के महत्व और ऐतिहासिकता को संरक्षित करने के उद्देश्य से सोरों नगर में पौराणिक म्यूजियम एवं मनोरमा स्थापित करने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता डॉ प्रदीप रघुनंदन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी हर्षिता माथुर से मुलाकात कर तीर्थ नगरी के महत्व, इतिहास और ऐतिहासिकता को लेकर केंद्रीय संस्कृत मंत्री अर्जुन राम मेघवाल जी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय से सोरोजी में म्यूजियम एवं पैनोरमा स्थापित करने की मांग की गई।
केंद्रीय संस्कृत मंत्री को संबोधित ज्ञापन में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ प्रदीप रघुनंदन ने यह मांग उठाई है सोरों एक आधी तीर्थ क्षेत्र है जहां भगवान वाराह का जन्म हुआ है l वेदों एवं पुराणों में सोरोजी की महत्ता वर्णित है और यहां प्रतिवर्ष लाखों लाखों श्रद्धालु अपने आध्यात्मिक एवं धार्मिक कार्यों को अंजाम देने के लिए आते हैं l ऐसे में सोरोजी तीर्थ क्षेत्र की प्रामाणिकता एवं यहां के इतिहास को संरक्षित करने के लिए यह आवश्यक है एक म्यूजियम की स्थापना हो जिसमें चलचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से के माध्यम से यहां के इतिहास को सजाया एवम सुरक्षित किया जा सके जिससे आने वाली पीढ़ियां शूकर क्षेत्र के आध्यात्मिक महत्व से परिचित हो सकें।
साहित्यकारअनुपम मिश्र ने कहा कि नौजवान पीढ़ी को भविष्य के इतिहास को बताया जाना उन्हें संस्कारित किया जाना अत्यावश्यक है और इसके लिए हम सबको चाहिए कि हम सोरों जी के महत्व को संरक्षित कर उन तमाम अभिलेखों को यहां सुरक्षित रखें जो म्यूजियम में स्थापित हो सके यही सरकार का दायित्व है और उसके लिए म्यूजियम स्थापित किया जाना जरूरी है।
प्रतिनिधिमंडल में शंकर पाल सिंह शांति स्वरूप उपाध्याय कालू सिंह रंजीत सिंह मोहम्मद यासीन नवल किशोर राम किशोर पाठक प्यारेलाल वैभव मिश्रा लोकेश मिश्रा एडवोकेट सत्यनारायण शर्मा आदि लोग उपस्थित थे।
