
अलीगढ़ में 13 खाद्य कारोबारियों पर 4.13 लाख का अर्थदंड – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – खाद्य पदार्थों में मिलावट से संबंधित लंबित मुकदमों का निस्तारण त्वरित गति से किया जाने लगा है। डीएम के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (नगर) के न्यायालय ने दिसंबर के प्रथम तीन दिनों में ही 13 मुकदमों का निस्तारण करते हुए खाद्य कारोबारियों पर 4.13 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। इसी तरह नवंबर में 21 मुकदमें निस्तारित किए गए। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत लंबित मामलों का त्वरित गति से निस्तारण करने के लिए प्रशासन काफी गंभीर है। अभी तक सैंपलिग, रिपोर्ट व सुनवाई में काफी वक्त व्यतीत हो जाता है। लेकिन, अब सुनवाई तेज गति से की जा रही है। न्यायालय के पीठासीन अधिकारी (अपर जिला अधिकारी-नगर) राकेश कुमार पटेल ने लंबित मुकदमों को जल्द से जल्द निपटाने की प्रक्रिया को अपनाते हुए भारी अर्थदंड अधिरोपित करना शुरू कर दिया है। नवंबर के प्रथम तीन दिवसों में मदार गेट की स्वीट्स एवं नमकीन की दुकान पर गाजर के हलवे में मिलावट पाए जाने पर 80 हजार का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। 24 अगस्त 2017 को लिए गए ताला नगरी स्थित गुलाब इंडस्ट्रीज के जीविका ब्रांड के पैकेज ड्रिकिग वाटर का नमूना मिथ्या छाप पाए जाने पर खाद्य कारोबारी पर 34 हजार अर्थदंड व 28 जून 2018 को लिए गए नमूने के पुन: मिथ्या छाप मिलने पर 78 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। बारहसैनी बाजार से लिए गए नमकीन का नमूना मिथ्या छाप पाए जाने पर 56 हजार रुपये, गूलर रोड स्थित बाबा ब्रांड बेसन का नमूना मिथ्या छाप पाए जाने पर 51 हजार व नई बस्ती, जीटी रोड स्थित विपिन कुमार के केला पकाने के प्रतिष्ठान पर इथफॉन द्रव्य पाए जाने पर 45 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। कई अन्य मामलों में भी अर्थदंड वसूला जाएगा।अभिहित अधिकारी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। अब रिपोर्ट आने के बाद मिलावटखोरों पर कुछ ही समय में कार्रवाई हो जाएगी।