
एटा।पहली तस्वीर में पुलिस की भारी मौजूदगी से आपको लग सकता है कि हम एटा के लिये रेल विस्तार की मांग करने वाले कोई आम एटावासी नहीं अपितु कोई उग्रवादी संगठन हैं। पहले पुलिस की तानाशाही फिर ज्ञापन के लिये एक घंटे का इंतजार वाह एटा प्रशासन।
एटा पुलिस प्रशासन की तानाशाही भी
एटा के युवाओं के जोश और जुनून को कम नहीं कर सकी।
ये नया एटा है न डरेगा और न झुकेगा
एटा कासगंज रेल विस्तार की मांग हमारी बुनियादी जरूरत से जुड़ी है।
और इसे अब हम मांग कर नहीं छीन कर लेंगे।
माननीयों कानों पर पड़े अहंकार के पर्दे और आंखों पर लगे ढीटता के चश्मे को अब उतार फेंको।
पूरे प्रदेश में विशाल जनसभाएं हो रही हैं पिछले दिनों एटा में ही ट्रैक्टर मार्च निकाला तब न धारा 144 लगी थी
न कोरोना का डर था लेकिन जैसे ही एटा वाले एटा कासगंज रेल विस्तार की मांग को लेकर सड़कों पर आए वैसे ही सारे कायदे कानून प्रशासन को याद आ गए।
अब एटा और एटा रेल विस्तार के बीच कोई बाधा नहीं बन सकता ये हमारा संकल्प है।