एटा से बड़ी खबर
वीरांगना अवंती बाई स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एटा योगी जी का ड्रीम प्रोजेक्ट फसा दलालों के चंगुल में

मेरे द्वारा सीएमओ साहब से भी बात की गई थी तो उन्होंने भी स्पष्ट कर दिया कि यह लोग हमारे हॉस्पिटल के नहीं है फिर लोग इस हॉस्पिटल में क्या कर रहे है।
चिकित्सालय के सीएमएस द्वारा पूछताछ के दौरान बताया गया है कि यह व्यक्ति हमारे हॉस्पिटल के एंप्लोई नहीं है
कुछ लोग जिला अस्पताल के डॉक्टरों की छत्रछाया में फैला रहे हैं गंदगी
अपने खुद के क्लीनिक खोल बैठे और अपने आपको डॉक्टर बताने बिल्कुल नहीं हिच खिंचाते है।
और हॉस्पिटल में उनके ऊपर छत्रछाया बनाए बैठे डॉक्टर उनकी कर रहे हैं जमकर मदद
जिला अस्पताल से किसी अन्य प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाकर पेशेंट को भर्ती कराने का मुंह मांगा पैसा लेकर और उस गरीब की जेब काटकर अपनी जेब भर रहे हैं।
यही नहीं यह दल्ले यह भी नहीं समझ रहे कि इस गरीब पर पैसा है कि नहीं है लाएगा तो कहां से लाएगा क्या करेगा उनको तो पैसे से काम
बुढ़ा मरे या जवान
हमें तो पैसे से काम
अगर यह लोग अपनी पर आए तो मरे हुए इंसान के भी बॉडी पार्ट बेचने में पीछे नहीं हटेंगे इनको सिर्फ पैसे से मतलब है इंसान और इंसानियत से नहीं।
कुछ लोग पूरे दिन इमरजेंसी में ही चक्कर लगाते रहते हैं और अपने शिकार की तलाश में लगे रहते हैं। शिकार जैसी फस जाता है और वह यहां से चिड़िया की तरह रफू चक्कर हो जाते हैं।
आखिर कब ऐसे लोगों पर कौन करेगा कार्यवाही
अधिकारी कहते हैं इनको पकड़ भाव और जेल भेज भाव क्या यह पब्लिक का दायित्व है अधिकारी का नहीं अधिकारी चाहे तो आसपास नहीं भटकने देगा किसी को
दूसरों से अपेक्षा कैसी