पुरुषों ने परिवार नियोजन अपनाया, सुखी परिवार को आधार बनाया
- परिवार पूरा होने पर नसबंदी अपनाएं – जीवन में खुशहाली लाएं
- पुरुष नसबंदी है बहुत ही सरल व सुरक्षित प्रक्रिया
एटा, 25 नवंबर 2021 ।
“पुरुषों ने परिवार नियोजन अपनाया, सुखी परिवार को आधार बनाया” थीम के साथ जनपद में पुरुष नसबंदी पखवाड़ा चलाया जा रहा है । सामुदायिक स्तर पर परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता और स्वीकार्यता बढ़ाने पर सरकार का पूरा जोर है। इसी क्रम में 22 नवंबर से शुरू हुए पुरुष नसबंदी पखवाड़े के अंतर्गत लक्षित दंपति को परिवार नियोजन के प्रति संवेदीकरण किया जा रहा है।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व परिवार कल्याण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ सुधीर कुमार ने बताया कि पुरुष नसबंदी पखवाड़े के माध्यम से प्रथम चरण में 22 से 28 नवंबर तक योग्य दंपति को परिवार नियोजन के प्रति संवेदीकृत किया जा रहा है। द्वितीय चरण में 29 नवंबर से चार दिसंबर तक सेवा प्रदायगी सप्ताह के अंतर्गत स्वास्थ्य केंद्रों पर पुरुष नसबंदी की सेवाएं दी जाएंगी। इसके लिए जनपद में प्रति ब्लॉक पांच पुरुष नसबंदी कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य पुरुष नसबंदी के बारे में समुदाय में जागरूकता लाना व पुरुष नसबंदी को स्वीकार करने के लिए पुरुषों को प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि पुरुष नसबंदी अपनाने वाले लाभार्थियों को 3000 रुपये देने का प्रावधान है। प्रेरक को 400 रुपए प्रदान किए जाते हैं।
नोडल अधिकारी डॉ कुमार ने बताया कि शारीरिक बनावट के आधार पर महिलाओं की अपेक्षा पुरुष नसबंदी बहुत ही सरल और आसान होती है। पुरुष नसबंदी के लिए लाभार्थी की उम्र कम से कम 22 वर्ष होना अनिवार्य है, लाभार्थी शादी-शुदा हो, लाभार्थी की उम्र 60 वर्ष से कम हो, लाभार्थी की एक संतान हो जिसकी उम्र नसबंदी के समय कम से कम एक साल हो, मानसिक तौर पर अस्वस्थ लाभार्थी मनोरोगी चिकित्सक द्वारा प्रमाणित हो। उन्होंने बताया कि पुरुष नसबंदी बिल्कुल सुरक्षित प्रक्रिया है। नसबंदी बिना चीरा व टांका बहुत कम समय में हो जाती है । नसबंदी के बाद किसी भी प्रकार की शारीरिक एवं यौन दुर्बलता नहीं होती है। नसबंदी के बाद अस्पताल में रहने की जरूरत नहीं होती है। नसबंदी के बाद किसी भी प्रकार के दूरगामी स्वास्थ्य जटिलताएं नहीं होती।
नसबंदी के बाद रखें इन बातों का ख्याल-
०पुरुष नसबंदी के शुरूआती तीन महीने तक गर्भनिरोधक साधन का इस्तेमाल जरुर करें।
०तीन महीने तक असुरक्षित यौन संबंध बनाने से बचे।
० यौन संक्रमण एवं एचआईवी-एड्स जैसे रोगों से बचने के लिए नसबंदी के बाद भी कंडोम का इस्तेमाल जरुरी है।
० नसबंदी कराने के बाद इसे पुन: सामान्य नहीं किया जा सकता। इसलिए तय करने के बाद ही नसबंदी करायें।
० पुरुष नसबंदी बिल्कुल सुरक्षित है। इसलिए इसे कराने के बाद किसी भी प्रकार का नकारात्मक विचार मन में नहीं लायें।