जी0 टी0 रोड़ चौड़ीकरण एवं वाईपास निर्माण सहित मलावन रेल लाइन विस्तार में एटा के किसानों की जमीन सरकार ने कोड़ियों के भाव लूटली किसान अब पुनः आंदोलन करेंगे
एटा जनपद के दूल्हापुर गांव में अखिल भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले शोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए वैठक आयोजित की गई उक्त बैठक में किसानों को कोविड 19 के प्रति जागरूक करते हुए अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की रणनीति तैयार की एवं कल दिनांक 05.06.2020 जिलाधिकारी एटा को पुनः ज्ञापन दिये जाने का निर्णय लिया गया।
अखिल संघर्षी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि एटा जनपद में सरकार ने जी0 टी0 रोड़ चौड़ीकरण एवं बाईपास निर्माण एवं एटा से मलावन रेल लाइन विस्तार के नाम पर 06 से 08 लाख रु0 प्रति बीघा में कोडियों के भाव जमीन लूटने का काम किया है और वर्तमान में भी कर रही है वहीं पड़ोसी जनपद मैनपुरी में किसानों को 25 से 30 लाख रुपए प्रति बीघा मुआवजा सरकार की तरफ से दिया गया है जबकि जनपद के किसान लगातार आंदोलन के साथ मुकद्दमा भी लड़ रहे हैं लेकिन आज तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है वहीं वाईपास में कासगंज रोड़, अमापुर रोड़, गंजडुंडवारा रॉड और अलीगंज रोड़ पर अंडर पास इतने नीचे बनाये जा रहे हैं कि भविष्य में सड़कों के ऊंचे किए जाने पर नदरई गेट जैसी स्थिति हो जाएगी और जनपद बासियों को पीढ़ी दर पीढ़ी गलत तरीके से बन रहे पुलों की बजह से कष्ट झेलना पड़ेगा इसलिए आवश्यक है कि जनपद बासी एक साथ आंदोलन कर जनहित में अभी संशोधन कराने के लिए तैयार रहे तथा 06 जून को सांय 04 बजे मन्दसौर की दुर्भाग्यपूर्ण घटना की वर्ष गांठ पर पूरे देश के किसान शोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से कर्जा मुक्त किसान एवं उपज का पूरा दाम आंदोलन कर अपनी मांग को धार देंगे।
सुरेन्द्र शास्त्री राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि सरकार को वर्ष भर पहले से ही गेंहू खरीद करने एवं जनपदों को आवंटित लक्ष्य के बारे में पता था लेकिन जानबूझकर पर्याप्त समय से बारदाना आदि की व्यवस्था नहीं की गई है ताकि किसानों की फसल की मंडियों में लूट कराई जा सके लूट करने की छूट किसान अब किसी को नहीं देंगे अतिशीघ्र रणनीति तैयार कर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
डॉ0 राजपाल सिंह वर्मा मण्डल उपाध्यक्ष ने कहा कि लोकडाउन में किसान और मजदूर की बर्बादी के अतिरिक्त कुछ भी नहीं हुआ एक तरफ फल, सब्जी, खाद्यान्न, दुग्ध उत्पादक किसानों को उचित मूल्य नहीं मिला एवं दूसरी तरफ हमारे मजदूरों का रोजगार चला गया वहीं सरकार ने मुट्ठी भर उधोग पतियों को लगभग लगभग पूरा बजट दे दिया जो कि गरीब मजदूरों के साथ घोर अन्याय है जिसे किसी भी हालात में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से :- द्वारिका प्रशाद वर्मा महात्मा जी, धर्मपाल सिंह, संतोष कुमार, गोकुल सिंह, नाथूराम, योगेश कुमार, सुम्मेर सिंह, दामोदर सिंह, प्रवेश, राजेश कुमार, कमलकांत, सत्यपाल सिंह सिंह सहित आदि लोग उपस्थित रहे।