
एटा पुलिस को मिली सफलता – थाना मिरहची क्षेत्र में करीब एक सप्ताह पूर्व हुई बुज़ुर्ग की हत्या की घटना का सफल अनावरण, सगा नाती ही निकला बाबा का हत्यारा, पड़ोसी युवक के साथ मिल दिया था घटना को अंजाम, नाती सहित दो अभियुक्त गिरफ्तार
घटना का विवरण:-
दिनांक 09.11.2021 को वादी विपुल शर्मा पुत्र व्यासनंदन शर्मा निवासी न्याजनगर थाना मिरहची एटा द्वारा थाना मिरहची पर इस आशय की तहरीर दी गई कि दिनांक 09.11.2021 को वादी के पिता व्यासनन्दन शर्मा जो रात्रि में अपने खेत पर सो रहे थे, उनकी किन्हीं अज्ञात व्यक्तियों ने हत्या कर दी है। इस सूचना पर थाना मिरहची पर मुअसं- 249/21 धारा 302 भादंवि बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया।
गिरफ्तारी:-
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा द्वारा घटना को गम्भीरता से लेते हुये आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु प्रभारी निरीक्षक थाना मिरहची को निर्देशित किया गया। दिनांक 15.11.2021 को थाना मिरहची पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर उक्त घटना में फरार चल रहे 02 अभियुक्तों को माहेश्वरी धर्म कांटा के पास से समय करीब 08.35 बजे गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तों के विरुद्ध थानास्तर से आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
अनावरण:-
पूछताछ से संज्ञान में आया कि मृतक व्यासनंदन शर्मा के दो बेटे विमल कुमार शर्मा तथा वितुल कुमार शर्मा हैं। विमल कुमार शर्मा की करीब 6-7 वर्ष पूर्व बीमारी के चलते मृत्यु हो जाने पर राघवेन्द्र दीक्षित विमल के घर उसकी पत्नी और बच्चों की मदद करने को लेकर आता-जाता रहता था, इस बात का मृतक व्यासनंदन शर्मा विरोध करते थे। विमल कुमार शर्मा की मृत्यु के बाद व्यासनंदन विमल की पत्नी व बच्चों पर ध्यान नहीं देते थे, और अपने छोटे बेटे वितुल कुमार शर्मा तथा उनके बच्चों का ख्याल रखते थे, अपनी पैन्शन तथा रिटायरमेंट का सारा पैसा भी व्यासनंदन ने अपने छोटे बेटे वितुल व उनके बच्चों को दे दिए थे, इसी बात से क्षुब्ध होकर विमल के बडे़ बेटे ने अपने पड़ोसी राघवेन्द्र के साथ मिलकर अपने बाबा व्यासनंदन की गला दबाकर हत्या कर दी। दोनों आरोपियों के विरुद्ध थानास्तर से आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्तों का नामपता:-
- राघवेंद्र दीक्षित उर्फ राघव घोड़ा पुत्र ओम प्रकाश निवासी न्याजनगर थाना मिरहची एटा (उम्र करीब 40 वर्ष)
- किशोर अपचारी (उम्र करीब 16 वर्ष) महत्वपूर्ण बिन्दुः-
1- विमल कुमार शर्मा पुत्र व्यासनन्दन शर्मा की बीमारी के कारण मृत्यु करीब 6-7 पहले हो गई थी। विमल कुमार शर्मा की पत्नी श्रीमती माधुरी अपने दो बेटों के साथ अपने घर पर रहती थी।
2- मृतक व्यासनन्दन शर्मा को अपने बड़े पुत्र की मृत्यु के बाद उनके बच्चो पर विशेष ध्यान नहीं देते थे, लेकिन अपने छोटे पुत्र वितुल शर्मा तथा उसके बच्चो पर विशेष ध्यान दिया तथा पैन्शन तथा रिटायर होने के बाद जो रुपये मिले उनसे हाथरस व मिरहची में वर्ष 2016 में 4,95000 रुपये में प्लाट खरीदकर अपने छोटे पुत्र वितुल शर्मा को दे दिया था।
3- ट्यूबवेल चलने से भी जो रुपये मिलते थे, व्यासनंदन उन्हें भी वितुल शर्मा और उनके बच्चों को ही देते थे।
4- राघवेन्द्र दीक्षित पड़ोसी होने के नाते विमल शर्मा की पत्नी श्रीमती माधुरी शर्मा एवं उनके बच्चों की मदद करते थे तो व्यासनंदन उसे घर आने से रोकते थे।
5- व्यासनंदन के इस व्यवहार से परेशान होकर अभियुक्तों ने उनकी हत्या करने की योजना बनायी और दिनांक 9.11.2021 की रात्रि करीब 9 बजे दोनों ने खेत के पास बने ट्यूबवेल पर जाकर वहाॅ सो रहे व्यासनंदन की गला दबाकर हत्या कर दी।
6- पुलिस से बचने के लिये दोनों ने हत्या को लूट/डकैती जैसी घटना दिखाने के लिए बक्से का कुन्दा तोड़कर उसमें से कुछ कपड़े निकालकर ट्यूबवेल के अन्दर फैला दिये थे जिससे देखने में ऐसा लगे कि किन्हीं अज्ञात बदमाशों ने लूट करने के इरादे से ट्यूबवेल में घुसकर व्यासनन्दन शर्मा द्वारा विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी तथा बक्से में रखा सामान लूटकर ले गये।
7- बक्से का कुन्दा को तोड़ने के सम्बन्ध में अभियुक्तों ने बताया कि बक्से के कुन्दे को तोड़ते समय किशोर अपचारी को निगरानी के लिए ट्यूबैल के बाहर खड़ा कर दिया था तथा उसने एक हरे रंग से पैन्ट किया हुआ लोहे के रॉड के बने पेचकस से बक्से का कुन्दा तोड़ा था जिसको उसने वहीं ट्यूबवेल के अन्दर छिपा दिया था।
8- अभियुक्तों द्वारा ट्यूबवेल की कोठरी में लगे ताले को तोड़ दिया गया था, जिसकी चाबी मृतक अपने गले में डाल के रखते थे, उस चाबी को भी अभियुक्तों ने मृतक के गले से निकाल कर गायब कर दिया जिससे लूट की घटना प्रतीत हो। बरामदगीः- - बक्से का कुंडा तोड़ने में प्रयुक्त एक पेचकस
- ट्यूबवेल के कमरे में लगे ताले की चाबी गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम:-
- प्रभारी निरीक्षक जयेंद्र प्रसाद मौर्य
- उप निरीक्षक जवाहर सिंह धकडे
- मुख्य आरक्षी रोहतास
- आरक्षी विनय कुमार
- चालक मुख्य आरक्षी लाखन सिंह