
पश्चिमी यमन के अलहुदैदा प्रांत में अंसारुल्लाह और यमनी सेना को एक बड़ी सफलता उस समय मिली जब संयुक्त अरब इमारात द्वारा समर्थित गुट ने अपने लड़ाकों को वहां से बाहर निकाला।
इमारात समर्थित लड़ाकों ने बयान तो यह दिया है कि उन्होंने स्वेडन में होने वाले समझौते के तहत इस मोर्चे से पीछे हटने का फ़ैसला किया लेकिन संयुक्त राष्ट्र संघ का कहना है कि इस गुट ने अपने फ़ैसले के बारे में उसे किसी तरह की कोई सूचना नहीं दी।
हुदैदा में यमनी सेना और अंसारुल्लाह को यह सफलता तब मिली है जब मारिब प्रांत में भी उसकी स्थिति बहुत मज़बूत हो चुकी है।
अलहुदैदा अब पूरी तरह यमनी सेना और अंसारुल्लाह के नियंत्रण में है और वहां से राजधानी सनआ की ओर जाने वाले राजमार्ग को खोल दिया गया है।
वहीं दूसरी ओर अलहुदैदा के इलाक़ों पर सऊदी गठबंधन ने बमबारी की है। यमनी सेना और अंसारुल्लाह को मिलने वाली इस सफ़लता से विचलित सऊदी अरब ने इस इलाक़े में अंधाधुंध बमबारी कर दी जिसमें कम से कम 4 लोग मारे गए जिनमें तीन बच्चे हैं।
अंसारुल्लाह के एक बड़े नेता मुहम्मद बुख़ैती ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारी कोशिश है कि लड़ाई के बग़ैर स्थिति संभल जाए और हुदैदा में जो हुआ वह सार्थक क़दम है।
संयुक्त राष्ट्र संघ के उप प्रवक्ता फ़रहान हक़ ने कहा कि इस बारे में उस संगठन ने राष्ट्र संघ को कोई सूचना नहीं दी जिसने अपने लड़ाकों को हुदैदा से बाहर निकाला है।