
मॉडिफाई साइलेंसर मिला तो 15 हजार रुपये तक जुर्माना – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – अगर आपने अपने दो पहिया वाहन खासकर रॉयल एनफील्ड और बुलेट के साइलेंसर निकाल कर, उसे मॉडिफाई कराया है, तो ये खबर आपके लिए काफी महत्वपूर्ण है। एआरटीओ प्रवर्तन अमिताभ चतुर्वेदी ने जनहित में विज्ञप्ति जारी कर लोगों को बुलेट बाइक के बदले हुए साइलेंसर को हटवाकर मानक युक्त साइलेंसर लगवाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि जल्द ही परिवर्तित साइलेंसर के विरुद्ध अभियान चलाया जाएगा। परिवर्तित साइलेंसर मिला तो 15 हजार रुपये तक जुर्माना किया जाएगा। परिवर्तित साइलेंसर लगी बुलेट संचालित पाए जाने की स्थिति में मोटर वाहन अधिनियम-1988 की धारा-53 के अंतर्गत वाहन का पंजीयन निलंबित करने की कार्रवाई भी की जाएगी। यदि वाहन स्वामी के द्वारा बाइक से परिवर्तित साइलेंसर को हटाकर मानक युक्त साइलेंसर नहीं लगाया जाता है तो पंजीयन निलंबित रहने के छह महीने बाद धारा-54 के अंतर्गत पंजीयन को निरस्त कर दिया जाएगा। मोटरयान अधिनियम 1998 की धारा 52 वाहन में अनाधिकृत परिवर्तन करने पर 5000 रुपए का जुर्माना और धारा 190 (2) निर्धारित मानक से अधिक ध्वनि प्रदूषण करने पर 10000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इस तरीके से 15000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसको लेकर जल्द विशेष अभियान शुरू होने जा रहा है और चालकों पर जुर्माना लगाने का अभियान शुरू होगा।