
हालमार्क के विपरीत कंपनियों के नाम से बन रहा था तेल – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – खैर रोड पर अटलपुर गांव स्थित तेल फर्म संचालक के यहां बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। जिस नाम से फर्म का पंजीकरण था, उसके खिलाफ अन्य कंपनियों के नाम के तेल की पैकिग की जा रही थी। सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप वर्मा के नेतृत्व में प्रशासन व एफएसडीए की टीम ने छापेमारी की तो यहां हालमार्क व रैपर मिले। सिटी मजिस्ट्रेट ने फर्म संचालक को नोटिस दिया है। जवाब आने पर आगे की कार्रवाई होगी।तेल के बढ़ते दामों को देखते हुए शासन ने थोक की दुकानों व कारखानों में स्टाक लिमिट तय की है। डीएम ने इस आदेश का पालन कराने के लिए एडीएम वित्त व राजस्व के निर्देशन में टीम गठित कर रखी है। सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप वर्मा ने प्रशासन व एफएसडीए की टीम के साथ अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि टीम सबसे पहले आगरा रोड पर डबल हिरन ब्रांड सरसों का तेल बनाने वाली मलूकचंद्र फर्म में पहुंची। यहां उत्पादन बंद मिला। यहां से केवल पुराना स्टाक ही बेचा जा रहा था। टीम को यहां पर मानकों के अनुसार स्टाक मिला। टीम खैर रोड पर गांव अटलपुर पहुंची। यहां पर सुनील सिंह नाम के व्यक्ति की केसर फर्म की जांच की गई, लेकिन यहां पर केसर के अलावा तुलसी, रीयल व ताजमहल नाम के रैपर व हालमार्क मिले। एफएसडीए में इसका पंजीकरण भगवानदास एडिबल आयल के नाम से है। टीम को तेल स्टाक लिमिट में मिला। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि हालमार्क के विपरीत तेल बनाने की आशंका में फर्म स्वामी को नोटिस दिया गया है, जिसका जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। डीएम को भी रिपोर्ट दी है। एफएसडीए की टीम ने जांच के लिए एक नमूना भी भरा है।