
अलीगढ़ः दीनदयाल अस्पताल में कैसे हो इलाज, 100 बेड के अस्पताल में 299 मरीज भर्ती
अलीगढ़ दीनदयाल अस्पताल में पीकू वार्ड हो, आईसीयू या अन्य कोई जनरल वार्ड… हर तरफ डॉक्टर, नर्स, स्टाफ की संख्या पर्याप्त मात्रा में नहीं है। 100 बेड के मानव संसाधन वाले इस अस्पताल में कल 299 मरीज भर्ती थे, जबकि ओपीडी 1200 से ऊपर रही। जिनके लिए 20 डॉक्टर 49 स्टाफ ही कार्यरत हैं। पर्याप्त स्टाफ न होने से लोगों को परेशानी हो रही है। यह कमी दीनदयाल अस्पताल संयुक्त चिकित्सालय में कोल विधायक अनिल पाराशर के निरीक्षण में सामने आई। उन्होंने कमिश्नर से स्टाफ बढ़ाने के लिए कहा है।बता दें कि दीनदयाल अस्पताल संयुक्त चिकित्सालय 100 बेड की क्षमता का अस्पताल है। कोविड के दौरान इसे 350 बेड का अस्पताल तो बना दिया गया, लेकिन अभी तक स्टाफ की तैनाती नहीं हुई है। ऐसे में लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या से व्यवस्था चरमरा गई है। कोल विधायक अनिल पाराशर अस्पताल पहुंचे और यहां सीएमओ, डॉक्टर, स्टाफ और कई वार्डों में जाकर मरीजों से वार्ता की। इस दौरान सामने आया कि अस्पताल में 20 डॉक्टर हैं। जबकि 22 नियमित स्टाफ नर्स हैं। दस स्टाफ नर्स एनएचएम और 17 स्टाफ नर्स आउटसोर्स से तैनात हैं। इन सभी की ड्यूटी आठ-आठ घंटे के अंतराल पर लगती है। पीकू वार्ड हो या जनरल वार्ड। हर तरफ स्टाफ की कमी से हालात खराब हैं। पीकू वार्ड में 47 में से सिर्फ 20 बेड पर ही बच्चे भर्ती थे। जबकि पूरे अस्पताल में कुल 299 मरीज भर्ती थे। जबकि एनएचएम, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, हाइजीनिस्ट, इसीजी टेक्नीशियन आदि पदों पर कुल 37 कर्मी आउटसोर्स से तैनात हैं।1200 से ऊपर की ओपीडी रही। बेड के सापेक्ष डॉक्टर और स्टाफ की संख्या कम देख कोल विधायक अनिल पाराशर ने कमिश्नर गौरव दयाल से वार्ता की और स्टाफ बढ़ाने के लिए कहा।