
एटा-जिन घरों के आगे गंदगी और जलभराव है,उन घरों को प्रशासन चिह्नित करे क्यों कि ये बाकी इंसानों की जिंदगी का सवाल है।–
संचारी रोगों को रोकने का किसी भी पालिका ने प्रयास नहीं किये डेंगू जैसे बुखार से बच्चे बड़े इंसानों की छति लगातार हो रही है पर सर्मनाक इसे रोकने के कोई प्रयास नजर नहीं आ रहे है,ऊपर से कालोनियों मे कुछ घरों के आगे गंदगी और जलभराव हो रहा है जो न किसी बरसात का पानी है न किसी नाली का लापरवाही से उस पानी मे मच्छर बैठ रहे है जो इंसानों का नाकि लहू चूसते है जान भी जा रही है तब प्रशासन को ऐसे लापरवाह घरों को चिह्नित करके सख्त कार्यवाही करनी चाहिये क्योंकि यह इंसानों की जिंदगी का सवाल है और इस बार नगरपालिका का कार्य बेहद सर्मनाक रहा अगर लोग अपने घरों मे पर्शनल सर्वेंट या सफाई पर खुद ध्यान नहीं देते तो पालिका ने नर्क बनाने मे कोई कसर नहीं छोड़ी है पता नहीं इनकी झाड़ू लग कहां रही है अधिक लापरवाही खुदपर भी झाड़ू मार जाती है,रोगों से जूझता इंसान खुद या खुदा के भरोसे है न चिकित्सा ब्यबस्था अच्छी है न किसी कार्यपालिका का कार्य हर तरफ तेरे मेरे का बोलबाला नजर जरूर आता है पब्लिक हितमय सत्ता भी असफल है एटा मे, विकास की शुर्खियां पढकर बहुत अच्छा लगता आज फला जिला मे ये हुआ आज बो हुआ लेकिन एटा के ढाक पर वही तीन पत्ते, शिवाय गंदगीके कोई विकास नहीं हुआ जिधर नजर डालो पहले से बत्तर होता नजर आएगा अब कोई बताएगा कि कौनसे नेता ने एटा को चमका दिया,चार चार सीनियर पर्शनेलिटी और एटा के मुंहपर टूटी सड़के खुली नालियां मिट्टी से अटा पड़ा शहर बताएं किस नेता को ताज पहनाया जाए।
दीप्ति।