काम के अत्यधिक दबाव और तुगलकी फरमानों से तिलमिलाए
स्वास्थ कार्यकर्ता..!
*शहीद पार्क में सामूहिक रूप से उठे विरोध के स्वर
एटा। जिले के महिला एवं पुरुष स्वास्थ कार्यकर्ता स्वास्थ विभाग में कोविड के नाम पर हो रहे कामकाज एवम अफसरों के तुगलकी फरमानों से बेहद खफा हैं आज जिला स्तरीय संघ की बैठक में एएनएम/एच वी/सुपरवाइजर एवं एमपीडब्ल्यू संवर्ग के कर्मचारीयो की बैठक जिला अध्यक्ष महिला कार्यकर्त्ता संघ की अध्यक्ष श्यामा देवी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में घोषित अवकाशों के दिन कराए जा रहे सरकारी कामकाज कोविड वैक्सीनेशन आदि को नियम विरुद्ध बता कर आक्रोश व्यक्त किया गया। इसी तरह कोविड सेशन को 7 बजे से कराने को अव्यवहारिक बताते हुए कर्मियों के शोषण का पर्याय बताया। कर्मचारियों ने कहा इसे 9 बजे से कराया जाना ही व्यवहारिक है। कर्मचारी कोविड के इंसेटिव जो गत वित्तीय वर्ष में कर्मचारियों को दिया जाना था नही दिया गया है।
कर्मचारियों ने बैठक में दो टूक कहा है अवकाश के दिनों में कोविड वैक्सीनेशन बंद कराया जाय। देर शाम टीकाकरण सेशन के बाद ए एन एम की बैठक के नाम पर शोषणवादी परिपाटी खत्म की जाए ।बैठक में मांग की गई स्तरोन्नयन जो निर्धारित वर्षो की सेवा के बाद लगाए जाते हैं वह अविलम्ब लगाए जाएं।
कर्मचारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुये अफसरों की तुगलकी कार्यशैली के विरुद्ध आवाज उठाने की पहल की। उक्त प्रस्तावों से मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों को अवगत कराने हेतु ज्ञापन भेजा गया। बेसिक हेल्थ वर्कर एसोशिएसन के बैनर तले हुई उक्त बैठक में इन प्रस्तावों पर चर्चा हुई। ज्ञापन में अध्यक्ष/मंत्री क्रमशः श्यामा देवी एवं सुधा रानी ने सम्बोधित किया। जिले भर से आये कर्मचारियों में मुखर आक्रोश के स्वर देखे गए ।
