राष्ट्रपति के उद्बोधन,

यह पहला ऐसा विश्वविद्यालय है जिसके दीक्षांत समारोह में मैं दूसरी बार सम्मिलित हो रहा हूं। इससे पहले 2017 में मुझे इस विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने का अवसर मिला था। इस संस्मरण से अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए भारत के राष्ट्रपति व मुख्य अतिथि ने बाबासाहेब साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के नौवें दीक्षांत समारोह में अपना उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के समावेशी विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा इस वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 50% सीटें आरक्षित हैं, जिससे विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के अवसर बढ़े हैं। इस वर्ग के विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर अलग से पदक प्रदान करके प्रोत्साहित करना भी सराहनीय कदम है। यह विश्वविद्यालय बाबासाहेब के समतामूलक समाज के सपनों को पूरा कर रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा मेरे दिए गए सुझाव पर एलुमनाई एसोसिएशन की स्थापना कर शिक्षा व रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने पर उन्होंने विश्वविद्यालय को बधाई भी दी। उन्होंने विश्वविद्यालय को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर सांस्कृतिक केंद्र के साथ तालमेल स्थापित कर बाबासाहेब के विचारों को प्रसारित करने का सुझाव दिया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को युवाओं की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप बताया, साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा इस दिशा में उठाए गए कदमों की प्रशंसा भी की। उन्होंने देश में बेटियों के योगदान की भी चर्चा की साथ ही विद्यालय में बेटियों द्वारा अधिक गोल्ड मेडल प्राप्त करने को स्वस्थ समाज की तरफ बढ़ता कदम बताया। बेटियों की उपलब्धि को उन्होंने बाबासाहेब के सपनों को सच होता हुआ बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्यमिता की तरफ बढ़ते हुए जॉब सीकर ना बनकर जॉब क्रिएटर बनने की सलाह दी । इस दिशा में उन्होंने विश्वविद्यालय के इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की भी प्रशंसा की । उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की मूल भाव प्रज्ञा शील करुणा के आदर्श को जीवन में लागू करने का सुझाव दिया
इस अवसर पर भारत की प्रथम महिला श्रीमती सविता कोविंद, विशिष्ट अतिथि श्री योगी आदित्यनाथ, माननीया राज्यपाल, उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल, समारोह के अध्यक्ष विवि के कुलाधिपति डॉ0 प्रकाश सी0 बरतूनिया, कुलपति आचार्य संजय सिंह मंच पर उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय के ‘भारत रत्न श्री अटल बिहारी बाजपेयी प्रेक्षागृह’ में समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कोविड के मद्देनजर कार्यक्रम ऑनलाइन/ऑफलाइन/ब्लेंडेड मोड से आयोजित किया गया। समारोह में ऑफलाइन माध्यम आमंत्रित गोल्ड मेडलिस्ट, शिक्षक, अतिथि एवं कर्मचारी शाम 4:00 बजे से सभागार में उपस्थित रहे। शाम 05:00 जब माननीय राष्ट्रपति महोदय एवं अतिथियों का आगमन हुआ तब आर्मी बैंड की ताल पर पूरे गर्मजोशी से अकादमिक शोभायात्रा निकली। इस दौरान राष्ट्रपति महोदय ने सभागार के प्रवेश द्वार पर लगी प्रदर्शनी भी देखी। नवाचार और प्रकाशन के क्षेत्र में विवि द्वारा किये गए उत्कृष्ट कार्यों को देख राष्ट्रपति महोदय ने अपनी प्रशंसा व्यक्त की। दूषित जल को साफ करने के कम लागत वाले घरेलू उपाय, बंजर जमीन पर जैव उर्वरक से उगी फसल तथा दिव्यांगजनो के लिए एक ही प्लेटफॉर्म पर विकसित किये जा रहे डिजिटल लर्निंग मॉडल को देख राष्ट्रपति महोदय प्रभावित हुए। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर चुके पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विकास बाबू की खींची तस्वीरों ने भी राष्ट्रपति महोदय समेत सभी अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रदर्शनी में 10 शोधार्थियों ने अपने मार्गदर्शक शिक्षकों के साथ मिलकर किये गए नवाचारों को प्रदर्शित किया।
सभागार में पहुँचते ही अतिथियों ने दीप प्रज्वलन किया और बाबासाहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। कुलाधिपति महोदय के समारोह शुरू करने के उद्घोष के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। विवि के कुलपति आचार्य संजय सिंह ने इस अवसर पर सभी का स्वागत किया और विवि की अकादमिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए अकादमिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि हमारा विश्वविद्यालय अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए 50% आरक्षण नीति के माध्यम से समाज के वंचित वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और बेंचमार्क विकलांग व्यक्तियों के लिए आरक्षण के अलावा शहीद सैनिकों के बच्चों के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटें निर्धारित की जाती हैं। इस वर्ष विश्वविद्यालय नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के माध्यम से यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्कृत और योग के 02 नए विभाग भी शुरू किए गए हैं और यहां कई व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम चल रहे हैं। हमारे माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के सहयोग से योग वेलनेस सेंटर की स्थापना की गई है। विश्वविद्यालय ने आउटरीच कार्यक्रमों के लिए लखनऊ के आसपास के 05 गांवों को गोद लिया है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के कथन के साथ अपने उद्बोधन को समाप्त किया।
इसके बाद राष्ट्रपति महोदय द्वारा विवि के सावित्रीबाई फूले महिला छात्रावास का शिलान्यास किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की गई वित्तीय सहायता से निर्मित इस महिला छात्रावास में लगभग 204 छात्राओं के ठहरने की क्षमता है। इस छात्रावास में कुल 68 रूम हैं।
माननीय राष्ट्रपति जी ने 07 यूनिवर्सिटी टॉपर्स- स्नातक के 2 छात्र – बीएससी फ़ूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी के भानु प्रताप सिंह तथा बीटेक कंप्यूटर इंजीनियरिंग की प्रियंका गौतम, परास्नातक के 2 छात्र – एमएससी जियोलॉजी के शुभम मिश्रा तथा एमएससी एग्रीकल्चर की पूजा मीना, एमफिल के 2 छात्र- एमफिल स्टैटिस्टिक्स की शान्या बघेल और एमफिल इन्फॉर्मेशन एंड लाइब्रेरी साइंस की कुमारी निहारिका तथा इतिहास विभाग की मिस अंजू रावत को आर0 डी0 सोनकर फाउंडर समता समाज अवार्ड प्रदान किया।
कुलाधिपति महोदय द्वारा इस वर्ष कुल 1424 अभ्यर्थियों जिसमें 771 छात्र और 653 छात्राएं शामिल हैं, को डिग्री प्रदान की गई। डिप्लोमा कोर्स में कुल 18 डिग्री जिसमें 7 छात्रों और 11 छात्राओं ने डिग्री प्राप्त की। स्नातक के 423 अभ्यर्थियों को डिग्री मिली जिसमें 262 छात्र एवं 161 छात्राएं हैं। परास्नातक में कुल 815 अभ्यर्थियों ने इस वर्ष डिग्री प्राप्त की जिसमें 416 छात्र और 399 छात्राएं हैं। एमफिल के कुल 37 अभ्यर्थी जिसमें 10 छात्र और 27 छात्राएं शामिल हैं, इस वर्ष डिग्री प्राप्त की। पीएचडी में कुल 131 डिग्री प्रदान की गई जिसमें 76 पुरुष और 55 महिला शोधार्थी शामिल हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ0 लता बाजपेयी सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में विवि के कुलसचिव प्रो0 एस0 विक्टर बाबू द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
इसके बाद कार्यक्रम के दूसरे सत्र का आयोजन हुआ। इसमें कुल 133 विद्यार्थियों को कुलपति एवं कुलाधिपति महोदय द्वारा गोल्ड मेडल दिया गया। मेडल जीतने में इस बार लड़कियों ने बाज़ी मारी है। मेडल प्राप्त करने वाले कुल छात्र 43 हैं जबकि मेडल प्राप्त करने वाली छात्राओं की संख्या 90 है। स्नातक के कुल 16 कोर्स, परास्नातक के 42 कोर्स, एमफिल के 9 कोर्स और 1 डिप्लोमा तथा 1 इंटीग्रेटेड बीएससी-एमएससी कोर्स के लिए ये गोल्ड मेडल प्रदान किये गए हैं। इस सत्र में 131 पीएचडी उपाधि धराकों को भी डिग्री प्रदान की गई। तीसरे सत्र का आयोजन रात्रि 08:00 बजे से होगा । यह सत्र पूर्णतया ऑनलाइन माध्यम से आयोजित होगा जिसमें सत्र 2019-20 के सभी अभ्यर्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी।