सपा सांसद आजम खान को राहत, जौहर यूनिवर्सिटी का गेट गिराने के आदेश पर HC ने लगाई रोक

जेल में बंद सपा सांसद आजम खान को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट ने आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मौलाना जौहर अली विश्विद्यालय का मुख्य गेट तोड़ने के जिला जज के आदेश पर फौरी तौर पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने पूरे प्रकरण पर 2 हफ्ते में राज्य सरकार से जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 4 अक्टूबर को होगी. कोर्ट ने अगली सुनवाई तक गेट तोड़ने के जिला जज के आदेश पर रोक लगा दी है.
दरअसल, जिला जज रामपुर ने एक आदेश पारित किया था जिसमें रामपुर के जिला जज ने मौलाना जौहर अली विश्विद्यालय के मुख्य गेट को पीडब्लूडी का मानते हुए तोड़ने का आदेश पारित किया था. साथ ही एक करोड़ 63 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया था जिसमें विश्विद्यालय की तरफ से हाईकोर्ट में रामपुर जिला जज के आदेश को चुनौती दी गई थी. हाईकोर्ट ने आज जौहर विश्विद्यालय की तरफ से दाखिल अर्जी पर सुनवाई करते हुए गेट तोड़ने के आदेश पर रोक लगा दी है, साथ ही लगाए गये जुर्माने पर सिर्फ 30% ही जुर्माना जमा करने का आदेश दिया है.
कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि यह गेट का रास्ता आम नहीं रहेगा. सिर्फ पीडब्लूडी के कर्मचारी ही इस गेट का इस्तेमाल कर सकते हैं. कोर्ट ने कहा है कि अगली सुनवाई पर राज्य सरकार इसमें जवाब दाखिल करें. मौलाना जौहर अली विश्विद्यालय की तरफ से हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता कमरूल हसन सिद्दीकी ने पक्ष रखा. जबकि सरकार की तरफ से एडिशनल एडवोकेट जनरल मनीष गोयल मौजूद रहे. जस्टिस अजीत कुमार की एकलपीठ ने अर्जी पर सुनवाई की.