नए चेहरों के हाथों में प्रमुख पद की कमान

नए चेहरों के हाथों में प्रमुख पद की कमान
एटा। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में इस बार नए चेहरों के हाथों में प्रमुख पद की कमान आई है। पांच ब्लॉक ऐसे हैं, जहां पुराने धुरंधर कुर्सी से दूर हो गए। इन पर राजनीति के नए खिलाड़ियों का दखल हुआ है ।
जलेसर: भाजपा की भूदेवी पत्नी अशोक यादव इकलौती प्रत्याशी होने की स्थिति में निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। पहले किसी पद पर चुनाव नहीं लड़ीं। पूर्व में सपा में रहीं, बीडीसी सदस्य चुनाव के बाद भाजपा का दामन थाम लिया। पिछली बार यहां सपा से शशि पत्नी यादवेंद्र सिंह विजयी हुई थीं।
शीतलपुर: भाजपा के पुष्पेंद्र कुमार निर्विरोध विजयी हुए हैं। पुष्पेंद्र का कोई विशेष राजनीतिक इतिहास नहीं है। पहली बार ही महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पिछले चुनाव में यहां पुराने राजनीतिज्ञ बजीर सिंह यादव का चुनाव में दबदबा रहा था। उनकी टक्कर में कोई सामने नहीं आया और वह निर्विरोध रूप से जीते थे।
मारहरा: यहां भी भाजपा प्रत्याशी के रूप में रवि वर्मा का ही नामांकन हुआ और वह निर्विरोध चुन लिए गए। पहली बार ही कोई चुनाव लड़ा और सीधे विजयश्री हासिल हुई। पिछले चुनाव में सपा से अनिल यादव ब्लॉक प्रमुख थे। इस बार उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से चुनाव लड़ने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
अवागढ़: यहां नए चेहरे के रूप में भाजपा की गंगाश्री निर्विरोध चुनी गई हैं। उनके पास भी किसी चुनाव या पद का अनुभव नहीं है। वह और उनके पति कभी किसी राजनीतिक पार्टी में महत्वपूर्ण पद पर नहीं रहे हैं। हालांकि पूर्व ब्लॉक प्रमुख सपा नेता लालकांत यादव से संबंधित है। इस बार लालकांत खुद चुनाव नहीं लड़े।
निधौली कलां: भाजपा से मंजू यादव निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख घोषित हुई हैं। पहले कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा। पिछले चुनाव में इस ब्लॉक पर रामपाल सिंह की पत्नी मिथिलेश कुमारी जीतकर ब्लॉक प्रमुख बनी थीं। भाजपा की रणनीति के चलते इस बार मैदान में नहीं आईं।
इन तीन ब्लॉक पर होगा कुर्सी के लिए मुकाबला
अलीगंज: इस सीट पर सबसे कड़ा और रोमांचक मुकाबला है। एक ओर सपा के स्थानीय दिग्गज नेता के रूप में ओमपाल सिंह चुनाव मैदान में हैं, जो पिछली बार भी ब्लॉक प्रमुख रहे हैं, तो दूसरी ओर भाजपा नेता अशोक रतन शाक्य की पत्नी रेखा शाक्य चुनावी मुकाबले में हैं। दोनों ही प्रत्याशी मजबूत स्थिति में हैं। यहां एक-एक वोट के लिए मारामारी की स्थिति है।
जैथरा: यह सीट परंपरागत रूप से अधिकांश समय से सपा के खाते में ही रही है। यहां भी सपा के स्थानीय दिग्गज के रूप में रामनाथ सिंह की पत्नी शीला देवी मैदान में हैं। इस सीट पर भी फेरबदल बहुत कम हुआ है। निर्दलीय के रूप में रुचि राठौर ने नामांकन किया है। जिन्हें भाजपा समर्थन देकर चुनाव लड़ाने की बात कह रही है।
सकीट: सपा नेता पूर्व विधायक अजय यादव की पुत्रवधू पायल यादव दमदार प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं। जबकि उनसे मुकाबले के लिए ममता पत्नी अनिल कुमार ने नामांकन किया है। यहां पूर्व विधायक अजय यादव का दबदबा रहा है। इस बार भी उनका पलड़ा भारी बताया जा रहा है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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