
जिपं अध्यक्ष चुनाव के बाद भाजपा में समीक्षा और चिंतन का दौर शुरू
एटा। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद पार्टी में समीक्षा और चिंतन का दौर शुरू हो गया है। 30 में से केवल चार सदस्यों ने पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया। ऐसे में विधानसभा चुनाव को लेकर भी पार्टी की चिंता बढ़ गई है।
परिणाम जारी होने के बाद से ही भाजपा के जिला कार्यालय में सन्नाटे जैसी स्थिति बन गई। कुछ गिने-चुने लोग थे, जो एटा के बजाए दूसरे जिलों के परिणामों की चर्चा कर सहजता बनाने की कोशिश कर रहे थे।
प्रदेश में पार्टी के 67 जिला पंचायत अध्यक्ष बनने पर संतुष्टि जता रहे थे। वहीं एटा में हार का ठीकरा प्रशासन पर ही फोड़ा जा रहा था। रविवार को भी कार्यालय व सपा नेताओं के आवासों पर इसी तरह की चर्चा और चिंतन का सिलसिला बना रहा। यह भी कहा गया कि 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अब अधिक मेहनत करनी होगी।
एक ओर जहां भाजपा पक्ष में मायूसी बनी हुई है तो दूसरी ओर सपा खेमा उत्साह से लबरेज है। इस नतीजे से उनकी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को और बल मिल गया है। शनिवार को परिणाम आने के बाद से शुरू हुआ जीत का जश्न देर रात तक चला। रविवार को भी बधाई देने वाले लोग जिला पंचायत अध्यक्ष के आवास और सपा कार्यालय पर पहुंचते रहे।