
अब गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण बंद
एटा – कभी बारदाने की कमी तो कभी गेहूं बिक्री की लिमिट से जूझ रहे किसानों के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। अब गेहूं बिक्री के लिए पोर्टल पर पंजीकरण ही बंद हो गया है। अब उन्हीं किसानों को गेहूं बेचने का मौका मिलेगा, जो पूर्व में पंजीकरण कराकर टोकन ले चुके हैं।
इस बार गेहूं खरीद की सरकारी व्यवस्था ढुलमुल रही। गेहूं आने पर बारदाने की कमी का बहाना चला। हाल ही में किसानों के लिए गेहूं बिक्री की सीमा तय करने के बाद समस्या बन गई। जिसके चलते तमाम किसानों का गेहूं घरों में भरा पड़ा है। उन्हें उम्मीद थी कि अंतिम दौर में आसानी से बिक्री हो जाएगी, लेकिन विभाग ने अब नए पंजीकरण ही बंद कर दिए।
19 हजार से अधिक किसानों का पंजीकरण
पोर्टल पर इस वर्ष 19534 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 12421 किसानों द्वारा क्रय केंद्रों पर गेहूं को बेचा गया है। ऐसे में 7113 किसान अभी भी गेहूं बेचने के लिए बचे हैं।
क्रय केंद्र प्रभारी नहीं ले रहे गेहूं
सरकारी खरीद केंद्रों पर प्रभारियों की मनमानी हावी है। अधिकारी किसानों से नजदीक के क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने की बात कह रहे हैं, लेकिन क्रय केंद्रों पर किसानों का गेहूं नहीं लिया जा रहा। शीतलपुर ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत कठौली में बने सहकारी समिति लि. के क्रय केंद्र का भी यही हाल है। किसान नेता पुष्पेंद्र ने बताया कि कई किसान पांच-पांच दिन से अपना गेहूं लेकर केंद्र पर खड़े हैं, लेकिन उनका गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है। उन्होंने धरना-प्रदर्शन करने की बात कही।