
स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही: एटा में कोरोना मरीजों को बांट दी
~उत्तर प्रदेश के एटा जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां कोरोना संक्रमितों और संदिग्ध मरीजों को एक्सपायरी दवा बांट दी गई, जिसका पता चलने पर विभाग में हड़कंप मच गया।~
एटा जिले में कोरोना संक्रमण के बीच स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग की ओर से होम आइसोलेशन में उपचार करा रहे कोरोना संक्रमित और संदिग्ध मरीजों को दवाओं की जो किट पहुंचाई गई, उसमें एक दवा एक्सपायर डेट की रख दी गई। शिकायत के बाद स्वास्थ्य महकमे ने आनन-फानन तुरंत टीमें भेजकर दवाएं वापस मंगाईं और दूसरी किट पहुंचाई।
कोरोना संक्रमितों के साथ-साथ संक्रमण के लक्षण वाले लोगों को भी स्वास्थ्य विभाग दवा की किट बंटवा रहा है। बुधवार को रैपिड रिस्पांस टीम ने शहर में कोरोना की जांच के दौरान दवाओं की किट का वितरण किया। एक संक्रमित ने जब किट खोलकर देखी तो विटामिन-बी कांप्लेक्स टेबलेट के पत्ते पर एक्सपायरी डेट जनवरी 2021 लिखी थी।
संक्रमित मरीज ने कलक्ट्रेट में संचालित कोविड कंट्रोल रूम पर फोन मिला दिया। कंट्रोल रूम से यह सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी गई तो विभाग ने तुरंत मेडिकल टीमों को घर भेजकर दवा को वापस मंगा लिया।
बांटी गई थीं 100 किट
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दवाओं की 100 किट बांटी गई थीं। एक्सपायर विटामिन-बी कांप्लेक्स के 96 पत्ते वापस मंगा लिए गए हैं। चार किटों की जानकारी की जा रही है।
कार्पोरेशन से आई थी दवा
किट बनाने के लिए जीटी रोड स्थित कार्पोरेशन से दवा सीएमओ कार्यालय आती है। अन्य दवाओं के साथ कार्टून में यह दवा आई। कोरोना मरीजों और संदिग्ध मरीजों को दी जाने वाली किट में पैरासीटामोल, विटामिन-सी, जिंक, विटामिन-बी, आइवरमैक्टीन आदि दवाएं होती हैं।
इनके खिलाफ नोटिस जारी
स्वास्थ्य पर्यवेक्षक अमृत सिंह, मलेरिया निरीक्षक गजेंद्र सिंह, श्यामसुंदर व दीपक कुमार, फील्ड वर्कर श्रीपाल और उमेश कुमार को नोटिस जारी कर दिया गया है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया कि एक्सपायरी दवा वितरण का मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच की जा रही है, आखिर लापरवाही कहां से हुई। इसके लिए एक कमेटी बनाई गई है। तीन दिन में जांच कर वह अपनी रिपोर्ट देगी।
डीएम विभा चहल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से इस संबंध में जानकारी की गई है। अगर एक्सपायरी डेट की दवा वितरित हुई है तो पता किया जाएगा कि गलती किस स्तर से हुई। इसकी जांच शुरू करा दी गई है।